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	<title>हिंदी सेक्स स्टोरीज &#8211; Kahani18</title>
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	<description>Antarvasna Hindi Sex Story</description>
	<lastBuildDate>Sun, 12 Oct 2025 16:31:56 +0000</lastBuildDate>
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	<title>हिंदी सेक्स स्टोरीज &#8211; Kahani18</title>
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		<title>भाई बहन सेक्स प्रॉब्लम</title>
		<link>https://kahani18.com/hindi-sex-stories/sex-problem-behan-sex/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Oct 2025 16:31:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिंदी सेक्स स्टोरीज]]></category>
		<category><![CDATA[Bhai Behan Ki Chudai]]></category>
		<category><![CDATA[Sex Problems]]></category>
		<category><![CDATA[पाठकों के पत्र]]></category>
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					<description><![CDATA[मेरी भाई बहन सेक्स प्रॉब्लम मैं आपके पास भेज रहा हूँ ताकि आप मुझे सुझाव दे सकें कि मैं क्या करूं. मेरी तलाकशुदा बहन मेरे साथ रहती है. मैं उसके साथ सेक्स करना चाहता हूँ. क्या करूं? मेरा नाम जीवन है. मैं पुणे का रहने वाला हूँ. मैं शादीशुदा हूँ और मेरे दो बच्चे हैं. <a title="भाई बहन सेक्स प्रॉब्लम" class="read-more" href="https://kahani18.com/hindi-sex-stories/sex-problem-behan-sex/" aria-label="Continue reading भाई बहन सेक्स प्रॉब्लम">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरी भाई बहन सेक्स प्रॉब्लम मैं आपके पास भेज रहा हूँ ताकि आप मुझे सुझाव दे सकें कि मैं क्या करूं. मेरी तलाकशुदा बहन मेरे साथ रहती है. मैं उसके साथ सेक्स करना चाहता हूँ. क्या करूं?<br />
<span id="more-322"></span></p>
<p>मेरा नाम जीवन है. मैं पुणे का रहने वाला हूँ. मैं शादीशुदा हूँ और मेरे दो बच्चे हैं. मेरी उम्र 35 साल है. मेरी बहन का तलाक़ हो चुका है और वो हमारे साथ ही रहती है. उसकी उम्र 33 साल है. मेरी बहन का नाम टीना है.</p>
<p>हमारे घर में दो कमरे हैं. एक कमरे मेरा परिवार सोता है और दूसरे रूम में मेरी छोटी बहन सोती है. </p>
<p>मैं शुरू से ही हिंदी सेक्स कहानी का पाठक रहा हूँ. मुझे अन्तर्वासना की सेक्स कहानी पढ़ना बहुत अच्छा लगता है. पहले मैं सेक्स कहानी को लिखने से कुछ संकोच करता था, पर जब इस साईट पर अबकी सेक्स कहानी को पढ़ा, तो मुझे भी लगा कि अपने अनुभव बांटने से मजा बढ़ता ही है. इस बात एक अच्छा सा असर मेरे दिमाग़ पर पड़ा है. मुझे भाई बहन के रिश्ते पर लिखी हुई सेक्स स्टोरी बहुत पसंद आती हैं. </p>
<p>एक दिन ऐसे हुआ कि मेरी बीवी और बच्चे मेरी ससुराल में छुट्टियों में गए हुए थे. घर में मैं और मेरी बहन हम दोनों ही थे. </p>
<p>हमारा पहला दिन तो नॉर्मल ही गया. दूसरे दिन जब मैं ऑफिस से घर आया था, तो मेरी बहन शाम के खाने का इंतजाम कर रही थी.</p>
<p>मैं फ्रेश होने बाद आया, हम दोनों ने खाना खाया. खाना खाने टाइम अचानक मुझे मेरी बहन के मम्मों के दर्शन हो गए. वो कोई चीज परोसने के लिए झुकी, तो उसके गहरे गले से मुझे उसकी चूचियों के दीदार हो गए. मेरे देखने के बाद भी उसने अपने मम्मे छिपाने की कोई कोशिश नहीं की. इससे मुझे बड़ी चुदास सी जाग उठी.</p>
<p>मैं खाना खाने के बाद अपने कमरे में गया और अन्तर्वासना साईट खोल कर भाई बहन की सेक्स स्टोरी पढ़ने लगा. रात के ग्यारह बजे तक मैं सेक्स स्टोरी पढ़ता रहा. फिर मैं अपनी बहन के कमरे गया और टीवी चालू करके सीरियल देखने लगा. टीवी की आवाज़ सुन कर वो भी उठ गई और बैठ कर टीवी देखने लगी. </p>
<p>वो मुझे बड़ी अजीब सी निगाहों से देख रही थी. बड़ी हिम्मत करके मैं उससे बात करने लगा.</p>
<h2>भाई बहन सेक्स प्रॉब्लम</h2>
<p>मैं- टीना नींद नहीं आ रही क्या?<br />
टीना- हां!<br />
मैं- मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूं.<br />
टीना- हां बोलो?<br />
मैं- नहीं, कुछ नहीं.<br />
टीना- अरे भाई बोलो क्या हो गया?<br />
मैं- नहीं तुम किसी को बोल दोगी.<br />
टीना- भाई ऐसा क्या बोलना चाहते हो कि इतना डर रहे हो. बोलो क्या बोलना चाहते हो.<br />
मैं- ठीक है.. लेकिन तुम एक वायदा करो कि तुम किसी से नहीं बोलोगी और मुझसे नाराज़ नहीं होगी.<br />
टीना- भाई अब बोलना है, तो बोलो नहीं तो मैं सोने जा रही हूँ. </p>
<p>मैं उसके पास जाके बैठा और उसका हाथ मेरे हाथ में लेकर उससे बोला- टीना मैं तुमको बहुत चाहता हूँ और मैं तुमसे हमबिस्तर होना चाहता हूँ.<br />
टीना- भाई, ये तुम क्या बोल रहे हो, तुम्हारा दिमाग़ तो ठीक है?<br />
मैं- हां … पर क्या करूं … मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ. </p>
<p>मैंने उसको झटके से अपने बांहों में भर लिया और दबोच के रखा. फिर उसको किस करने लगा. </p>
<p>टीना- भाई छोड़ो मुझे, ये बहुत ही ग़लत है.<br />
मैं- टीना कुछ ग़लत नहीं है बहन … तुम्हें अच्छे से मज़ा आएगा.<br />
टीना- पर भाई …<br />
मैं- अभी कुछ बोल मत. </p>
<p>मैंने उसे उठाया और खड़ा करके उसे किस करने लगा. उसने मेरे बीवी की नाइटी पहनी हुई थी, जिसमें मम्मों के ऊपर एक चैन लगी हुई थी. उधर से बच्चों को दूध पिलाने में आसानी होती थी.</p>
<p>मैंने उसको लगातार किस करता जा रहा था. वो आंख बंद करके खड़ी थी. फिर मैंने उसे सोफे पर बैठाया और उसकी नाइटी ऊपर उठा कर उसके पैर को किस करने लगा. </p>
<p>जैसे ही मैं उसकी जांघ तक पहुंचा, उसने आंख खोल कर बोला- भाई, मेरे को बहुत गुदगुदी हो रही हैं. </p>
<p>मैंने ऊपर जाकर उसके मम्मों के ऊपर की चैन खोल दी और उसके मम्मों को चूसने लगा. वो भी धीरे धीरे वासना भरी सिसकारियां लेने लगी. उसने मेरे सर पर हाथ रखा था.</p>
<p>अब मैंने उसको उसके बिस्तर पर लिटा दिया और पूरा गाउन गले तक ऊपर करके उसके दूध चूसने लगा. </p>
<p>तभी मेरे को उसकी आवाज़ सुनाई दी- भाई ये ठीक नहीं हो रहा. भाई बहन के बीच यह काम गलत है.</p>
<p>मैं उससे अलग हो गया. उसके बात सुन कर मैं बहुत बुरा फील कर रहा था.<br />
मैं उससे माफी मांगने लगा- मुझे माफ़ कर दो बहन, आगे से ऐसा कभी नहीं होगा.<br />
लेकिन वो बात ही नहीं कर रही थी. उसने सब कपड़े ठीक किए, बस इतना बोली- ठीक है.</p>
<p>मैं फिर सोने के लिए चला गया. सुबह उसने मेरे से कुछ बात नहीं की. मैं फिर ऑफिस चला गया. दो दिन के बाद मेरे बीवी बच्चे आ गए और सब नॉर्मल चलने लगा.</p>
<p>तकरीबन पांच महीने बाद मेरी बीवी दोबारा नासिक गई. वो अपने दादा के घर पर गई थी. </p>
<p>मुझे फिर से बहन के साथ सोने ख्वाइश जाग गई. मैं तकरीबन रात के एक बजे तक सोचता रहा. फिर हिम्म्त करके मैं रात को एक बजे उसके पास गया और उसके पास बैठ कर मैंने उसे जगाया. </p>
<p>टीना- भाई क्या हो गया, तुम मेरे बिस्तर पर क्यों बैठे हो?<br />
मैं- मैं तुम्हें किस करना चाहता हूँ और प्यार करना चाहता हूँ.<br />
टीना- भाई नहीं, अभी बहुत रात हो चुकी है.</p>
<p>मैं उसको पकड़ के सीधा किस करने लगा और उसके बूब दबाने लगा.</p>
<p>बाद में मैंने उसका गाउन निकाल दिया. वो मेरे सामने केवल ब्रा और पेंटी में रह गई थी. </p>
<p>मैंने उसकी ब्रा को ऊपर करके उसके मम्मों को चूसने लगा. वो भी मादक सिसकारियां लेते हुए मज़े ले रही थी.</p>
<p>टीना- भाई, धीरे … छाती में बहुत दर्द हो रहा है.<br />
मैं- अरे मज़ा भी तो आ रहा है ना तुम्हें.<br />
टीना- भाई अब बस करो ना.<br />
मैं- एक बार मुझे तेरे को चोदना है.<br />
टीना- भाई, हम सही नहीं कर रहे … जो कर चुके हैं, वही बहुत ज्यादा है.</p>
<p>मैं उससे अलग हो गया और किस कर के सोने के लिए चला गया.</p>
<p>तब से अभी तक हमारे बीच में इससे ज्यादा कुछ भी नहीं हुआ है. वो मेरे से बात करती है, बूब्स के दर्शन करवा देती है, चुसवा भी लेती है. पर इससे ज्यादा कुछ नहीं.</p>
<p>मुझे मालूम है कि उसको भी लंड की जरूरत है, वो भी जवानी की आग में सुलग रही है. लेकिन हम दोनों को ही भाई बहन का रिश्ता एक अनजानी सी डोर से बांधे हुए है. हम दोनों चाह कर भी सेक्स नहीं कर पा रहे हैं. </p>
<p>मुझे आगे क्या करना चाहिए? आप लोग मुझे सलाह दीजिएगा मेरी भाई बहन सेक्स प्रॉब्लम पर!</p>
<p>मेरी इमेल आईडी है.<br />
[email protected]</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खेल वही भूमिका नयी-4</title>
		<link>https://kahani18.com/hindi-sex-stories/khel-vahi-bhumika-nayi-part-4/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Sep 2025 17:50:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिंदी सेक्स स्टोरीज]]></category>
		<category><![CDATA[Oral Sex]]></category>
		<category><![CDATA[Porn story in Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[इस कामुक सेक्स कहानी के तीसरे भाग खेल वही भूमिका नयी-3 में अब तक आपने पढ़ा कि मैं अब तक नेता और कमलनाथ के अलावा रवि से सम्भोग करके बहुत ज्यादा थक चुकी थी. इसके बाद कुछ समय आराम करने के बाद जब मैं जागी, तो कान्तिलाल मेरे साथ सम्भोग करने को आतुर हो रहा <a title="खेल वही भूमिका नयी-4" class="read-more" href="https://kahani18.com/hindi-sex-stories/khel-vahi-bhumika-nayi-part-4/" aria-label="Continue reading खेल वही भूमिका नयी-4">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इस कामुक सेक्स कहानी के तीसरे भाग<br />
खेल वही भूमिका नयी-3<br />
में अब तक आपने पढ़ा कि मैं अब तक नेता और कमलनाथ के अलावा रवि से सम्भोग करके बहुत ज्यादा थक चुकी थी. इसके बाद कुछ समय आराम करने के बाद जब मैं जागी, तो कान्तिलाल मेरे साथ सम्भोग करने को आतुर हो रहा था.<br />
अब आगे:</p>
<p>मेरा कांतिलाल के साथ पहले का भी सेक्स अनुभव था तो मैं जानती थी कि वो जल्दबाजी नहीं करेगा बल्कि मुझे पूर्ण रूप से उत्तेजित करके संभोग के लिए बाध्य कर देगा.</p>
<p>इन सब बातों को जानने के बाद भी मैं उसके वश में होती जा रही थी, पता नहीं क्यों. इससे पहले उन 3 मर्दों से मुझे नहीं मिला था, शायद उसकी कमी का मुझे अफसोस था और कांतिलाल से मेरे मन में कोई उम्मीद थी. इसी वजह से मैं उसकी बांहों के जाल में स्वयं फंसती चली जा रही थी.</p>
<p>मैं और कांतिलाल अब एक दूसरे के सीने से चिपक गए थे और वो मुझे हौले हौले से उत्तेजित करने का प्रयास करने लगा. उसने मेरी आंखों में देखता हुआ मेरी रानों, बांहों, कमर और चूतड़ सहलाने शुरू कर दिया. वो मुझे ऐसे देखने लगा, जैसे वो मेरा इन्तजार कर रहा था. उसके मादक छुवन से मेरे बदन में ऐसा लग रहा था, मानो हज़ारों चीटियां मेरे बदन में रेंग रही हों, मेरे जिस्म में एक मीठी सिहरन सी हो रही थी.</p>
<p>काफी देर इसी तरह मुझे टटोलने के बाद वो अपने होंठ, मेरे होंठों के करीब ले आया, पर मैं जस की तस रही.</p>
<p>कांतिलाल भले कितना भी सहनशील क्यों न होता … मगर बाकी मर्दों की तरह उसकी भी एक सीमा थी और अब उससे बर्दाश्त करना मुश्किल था. वो भी जान चुका था कि मुझे कैसे अपने वश में करना है … क्योंकि उसने मुझे पहली मुलाकात के समय भरपूर पढ़ा था. </p>
<p>उसने खुद ही अपने होंठ मेरे होंठों से चिपका दिए और मुझे चूमने लगा. मैं खुद को रोकने का प्रयास करती रही कि शायद मेरे ठंडे और नकारात्मक व्यवहार से उसकी उत्तेजना कम हो जाए, पर वो रुक नहीं रहा था बल्कि और अधिक उत्तेजना से मेरे होंठों को चूसते चूमते हुए मेरे स्तनों को दबाने सहलाने लगा था.</p>
<p>काफी देर खुद को रोकने के बाद मेरी इंद्रियां कमजोर पड़ने लगीं और आखिरकार मैं उसके आगे हार ही गई. उसने मेरे भीतर वासना की चिंगारी फ़िर से भड़काने में सफलता पा ली थी. </p>
<p>अब मैं अपने भीतर नए तरह का जोश, ताकत और कामोत्तेजना महसूस करने लगी थी. मैंने भी उसे पकड़ कर चुम्बन में साथ देते हुए उसके होंठों को बारी बारी से चूसने लगी. जब वो मेरी ऊपर के होंठ चूसता, तो मैं उसके नीचे का होंठ चूसती और जब वो मेरा नीचे का होंठ चूसता … तो मैं उसके ऊपर का होंठ चूसने लगती. मेरे भीतर एक नया रोमांच की अपेक्षा जगी हुई थी.</p>
<p>इस तरह चुम्बन का एक लंबा अधिवेशन चला. हम दोनों कभी जुबान को चूसते, तो कभी होंठों को … और एक दूसरे से ऐसे लिपट लिपट कर अंगों को सहलाते प्यार करते, जैसे एक दूसरे में समा जाना चाहते हों. </p>
<p>धीरे धीरे ऐसे चूमते सहलाते हुए कांतिलाल ने मुझे अपने ऊपर चढ़ा लिया और फिर से लंबे चुम्बन और आलिंगन का दौर शुरू हो गया. वो एक हाथ से मेरे एक स्तन को क्रूरता से मसल रहा था, तो दूसरे हाथ से मेरे चूतड़ मसल रहा था.</p>
<p>मेरी उत्तेजना इस कदर बढ़ गई थी कि उसके मसलने से जो दर्द हो रहा था, वो भी आनन्द प्रदान कर रहा था. हम दोनों अब एक दूसरे को पूरी ताकत से जकड़ कर चूमने लगे थे. कभी मैं अपनी जुबान उसके मुँह में डाल देती और वो चूसता, तो कभी वो मेरे मुँह में अपनी जुबान डाल देता और मैं चूसती.</p>
<p>मुझे उसकी साँसों में एक अलग सी खुश्बू आने लगी थी, जो मेरी कामोत्तेजना को और बढ़ा रही थी. मैं उसके ऊपर अपनी दोनों जांघें फैला कर चढ़ी हुई थी और मुझे उसका सख्त लिंग मेरी योनि पर जांघिये के भीतर से चुभ रहा था.</p>
<p>चूमते हुए कांतिलाल ने पीछे से मेरे वस्त्र की डोरी खोल दी और उसे सरका कर कमर तक खींच दिया, जिससे मेरे स्तन खुल गए.</p>
<p>थोड़ी और देर चूमने के बाद उसने करवट ली और पलट कर मुझे नीचे कर दिया. अब वो मेरे ऊपर आ गया था. वो मुझे गालों से लेकर गले तक चूमने लगा था और जुबान से गले और कानों के नीचे चाटने लगा था. मुझे अब मुझे ऐसा लगने लगा कि जो चीटियां अभी तक मेरे बदन पर रेंग रही थीं, वो अब दौड़ने लगी हैं.</p>
<p>मैं उत्तेजना में उसके बालों को कसके पकड़ कर ऐंठन लेने लगी और टांगों से उसे जकड़ने का प्रयास करने लगी.</p>
<p>कुछ पल ऐसे चूमने के बाद वो मेरे स्तनों की ओर बढ़ने लगा. उसने मेरे दोनों स्तनों को एक एक हाथ से पकड़ चूचुकों को बारी बारी चूमकर बोला- क्या अब भी इनमें से दूध आता है?<br />
मैंने उत्तर दिया- हां.<br />
उसने फिर बोला- क्या मैं तुम्हारा दूध पी सकता हूँ?</p>
<p>मैंने उत्तर दिया- ऐसा पहली बार तो होने नहीं जा रहा … पहले भी आप पी चुके हो.<br />
उसने फिर बोला- पूछ लेना मुझे बेहतर लगा … क्योंकि काफी समय के बाद मिली हो न … और क्या पता औरतें ये धारणा भी रखती हैं कि दूध सिर्फ उनके बच्चे पीते हैं.<br />
मैंने उससे कहा- ये तो सच है कि बच्चे ही अपनी माँ का दूध पीते हैं.<br />
उसने कहा- हां इसलिए तो पूछना बेहतर सोचा, पर बच्चे के अलावा पति का भी हक़ होता है.<br />
मैंने कहा- आप न तो मेरे बेटे हो … न ही पति हो. अब आपको जो अच्छा लगे करिए … बातें कर समय क्यों बर्बाद करना.<br />
उसने मुझसे कहा- बेटा तो नहीं, पर आज की रात तुम्हारा पति मैं ही हूँ.</p>
<p>और मुस्कुराते हुए मेरे चूचुकों को मुँह से लगा कर चूसने लगा. मेरे स्तनों से जैसे ही दूध की तेज पिचकारी छूटी, मुझे एक अनोखा अनुभव हुआ, जो इससे पहले कभी नहीं हुई थी. मैं एकदम से सिहर उठी और मैंने कांतिलाल को कसके पकड़ लिया. वो बारी बारी से मेरे दोनों स्तनों से दूध पीने लगा और मैं उसे बच्चे की तरह उसका सिर सहलाती रही.</p>
<p>जी भर मेरा स्तनपान करने के बाद अब वो मेरे पेट को चूमते हुए नाभि को प्यार करने लगा. </p>
<p>वो काफी देर तक मेरी नाभि में अपनी जीभ फिराता रहा. इसके बाद उसने मेरे वस्त्र को खींचते हुए मेरी टांगों के नीचे से निकाल कर मुझे बिल्कुल नंगा कर दिया. उस रोशनी में बिल्कुल चमक सी रही थी और मेरा पूरा बदन एकदम चिकना दिख रहा था. योनि के बालों के हटवाने से ये सब और भी ज्यादा मस्त लग रहा था. मेरी योनि के बालों की भी इस तरह से छंटनी की गई थी कि कोई भी मर्द आकर्षित हो जाए. मेरे वस्त्र निकाल कर उसने मेरी टांगें पकड़ उन्हें फैला दिया और बहुत चाव से मेरी योनि देखते हुए एक हाथ फेरने लगा. उसके छूते ही मैं कांप सी गई, पर उसने मेरी एक जांघ पर हाथ रख बिस्तर पर दबा दिया था. </p>
<p>मेरी योनि की पंखुड़ियों को अपनी उंगलियों से फैला कर बोला- वाह कितनी प्यारी, सुंदर और कामुक है तुम्हारी चुत … और देखो यही तो है स्वर्ग जाने का रास्ता.</p>
<p>मैं उसकी बातें सुन हंस पड़ी, पर मन बहुत रोमांचित हुआ जा रहा था. उसने झुक कर मेरी योनि को चूमा, फिर योनि के इर्द गिर्द चूमते हुए जांघें कमर और टांगों को चूमने लगा. </p>
<p>मैं तो इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी कि मन हो रहा था कि अपना पानी छोड़ दूं. हालत भी मेरी ऐसी हो चली थी कि अब या तब … अपने आप ही मैं अपने रस की फुहार छोड़ दूंगी. खुद को रोक पाना चुनौती सा लगने लगा था. पर अभी तो शुरूआत ही हुई थी. </p>
<p>कांतिलाल ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वो शायद ही मुझे आज रात सोने देगा. उसने मुझे अब पलट दिया और मैं पेट के बल हो गई. वो मेरी टांगों को चूमता हुआ चूतड़ तक पहुंच गया और किसी भूखे भेड़िये की तरह चूमता हुआ मेरी पीठ और पीठ से दोबारा चूतड़ों तक चूमता रहा. मैं अपने आप में सिकुड़ कर सीधा लेटी हुई थी और अपने बदन को अकड़ा लिया था. </p>
<p>कांतिलाल ने मेरे चूतड़ों को ऐसे चूमना और काटना शुरू कर दिया कि मेरी सिसकियां रोके नहीं रुक रही थीं. आज कांतिलाल मुझे पागल कर देने जैसी हरकतें कर रहा था. </p>
<p>उसने अब मेरे चूतड़ों को दोनों हाथों से फैलाना शुरू कर दिया और अपना मुँह बीच में डाल मेरी योनि जीभ से टटोलनी शुरू कर दी.</p>
<p>मैं सीधी लेटी थी और मेरी योनि बिस्तर की तरफ थी और मेरे बड़े और मोटे मांसल चूतड़ों के बीच मेरी योनि इतनी आसानी से मिलनी मुश्किल थी. वो पूरा प्रयास करके भी मेरी योनि तक जीभ नहीं पहुंचा पा रहा था. पर वो हार मानने वालों में से नहीं था. वो थोड़ा थोड़ा जीभ से टटोलता रहा और धीरे धीरे मुझे खींचते हुए मेरे चूतड़ उठाने लगा. कुछ मैंने भी मदद की और मैं घुटने मोड़ अपने चूतड़ पीछे से उठा दिए.</p>
<p>अब मेरी योनि खुलकर उसके सामने आ गई. उसने तुरंत अपना मुँह मेरी योनि से चिपका लिया और ऐसे चाटने लगा, जैसे मेरी योनि कोई खाने की वस्तु हो. मेरी तो योनि अब बिल्कुल ही चिपचिपी हो गई थी.</p>
<p>फिर उसने अपनी जीभ मेरी योनि के भीतर घुसाने का प्रयास शुरू कर दिया. इधर मैं मादक सिसकियां भरने लगी थी और समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ किसे पकड़ूँ और किसे छोड़ूँ. आखिरकार मैं तकिए को पकड़ कराहने लगी. वो पूरी ताकत से मेरी चूतड़ों को फैला ज्यादा से ज्यादा अपनी जीभ भीतर घुसाने का प्रयास करने लगा. </p>
<p>मैं बस हाय हाय करते हुए उससे विनती करती हुई बोलने लगी- प्लीज कांतिलाल जी छोड़ दो … नहीं तो मैं झड़ जाऊंगी, ओह्ह मां मर जाऊंगी मैं.</p>
<p>पर वो मेरी एक नहीं सुन रहा था. मैं जितना उसे मना करती, वो उतना ही जोर और ताकत लगाता. अब मेरी बेचैनी इतनी बढ़ गई कि मैं पूरा जोर लगा पलटकर सीधी हो गई और वो मुझे भूखे शेर की तरह घूरने लगा.</p>
<p>मैं बोली- अब जल्दी से मेरे अन्दर आ जाओ … वरना मैं ऐसे ही झड़ जाऊंगी.<br />
उस पर उसने कहा- हां झड़ जाओ … यही तो मैं भी चाहता हूँ, मैं चाहता हूँ कि तुम आज इतनी बार झड़ो कि पूरा बिस्तर गीला हो जाए. मुझे तुम्हें वैसे ही झड़ते हुए देखना है, जैसा पिछली बार देखा था. </p>
<p>अब मुझे अपनी औरतों वाली तरकीब अपनानी पड़ी. मैं बड़े कामुक और लुभावने अंदाज में बोली- प्लीज जानू इतना भी मत तड़पाओ. अपना बाबू मेरे अन्दर डालो ना … तुम्हारे बाबू पर मुझे झड़ना है.<br />
पर वो आज कुछ और ही चाहता था. उसने भी मेरे ही अंदाज में मुझे बोला- इतनी भी क्या जल्दी है जान … अभी तो पूरी रात बाकी है.<br />
इतना कह कर वो मेरी जांघें फैलाने लगा और फिर उसने झुक कर मेरी योनि से अपना मुँह चिपका लिया.</p>
<p>मेरी हालत अब इतनी बुरी हो गई थी कि मैं उसका सिर अपनी योनि से हटाने का प्रयास करने लगी. पर उसने मेरे दोनों हाथों को अपने हाथों से उंगलियों में उंगलियां फंसा मुझे कसके पकड़ लिया. मैं अपनी जांघें भी चिपकाना चाहती थी, मगर उसका सिर बीच में था और अब मैं बहुत अधिक व्याकुल होने लगी थी. वो मेरी योनि को खाने की वस्तु की तरह चाट रहा था. मेरी योनि में ऐसा लग रहा था मानो कोई आग लगी हो, बराबर पानी रिस रहा था और अब या तब पानी छूट जाएगा ऐसा लग रहा था.</p>
<p>कांतिलाल उधर कभी मेरी योनि के दाने को जोर से काटता, तो मैं हाय हाय करती रह जाती. कभी योनि के दोनों पंखुड़ियों को होंठों से पकड़ खींचता, कभी योनि की छेद में अपनी जीभ घुसाने लगता.</p>
<p>अब मुझसे और नहीं रहा जा रहा था. मैंने उससे आखिरी बार कहा- प्लीज मुझे छोड़ दो … उम्म्ह … अहह … हय … ओह … मैं झड़ रही हूँ.</p>
<p>इतना कहते ही मैं अपने चूतड़ों को उचकाने लगी. तभी 8 -10 बूंदों जैसी तेज पिचकारी सी मेरी योनि से 3 बार निकली और मैं जोरों से अपना पूरा बदन ऐंठाने लगी.</p>
<p>पर कांतिलाल की ताकत के आगे मेरी एक नहीं चली और वो मुझे जोरों से पकड़ कर तेज़ी से मेरी योनि चाटने लगा. मैं झड़ गई थी और हल्का महसूस करने लगी थी.<br />
मैं अपने बदन को ढीला करते हुए उससे बोली- प्लीज कांतिलाल जी, अब रुक जाइए … थोड़ा सुस्ता लूँ मैं.<br />
पर उसने बोला- अभी तो शुरू हुआ है … इतनी जल्दी कैसे छोड़ दूं.</p>
<p>ये कह कर वो फिर से मेरी योनि चाटने में लग गया. मैं सुस्त पड़ गई थी, सो उसने मेरा हाथ छोड़ दिया. वो मेरी योनि में अपनी बीच वाली उंगली घुसा कर उसे तेज़ी से अन्दर बाहर करते हुए मजा ले रहा था और मेरी योनि के दाने को मुँह में भरते हुए चूसना और काटना शुरू कर दिया था. </p>
<p>मैं उससे काफी देर तक विनती करती रही, मगर वो कुछ सुनने के मूड में नहीं था. </p>
<p>उसके लगातार चाटने से थोड़ी ही देर में मेरी योनि में फिर से हलचल शुरू हो गई और मैं अपनी जांघें खुद चौड़ी कर उसे अपनी योनि से खेलने देने लगी. थोड़ी देर में वो मेरी योनि चाटते हुए हाथ ऊपर कर मेरे स्तनों को मसलने लगा. मुझे बहुत आनन्द आ रहा था और मैं उसके हाथों को खुद मदद कर रही थी.</p>
<p>अचानक वो टटोलते हुए हाथ मेरे मुँह के पास ले आया और अपनी एक उंगली मेरे मुँह में डाल दी. मैं उसकी उंगली को लिंग की भांति चूसने लगी. अब उसकी एक उंगली मेरी योनि में चल रही थी दूसरी मेरे मुँह में. बहुत कामुक और उत्तेजना से भरा पल लग रहा था वो.</p>
<p>मुझे अभी शायद 5 से 7 मिनट हुए होंगे झड़े हुए कि मैं फिर से झड़ने को तैयार हो गई थी. मेरी बुरी आदत यही है कि मैं भले देर से झड़ती हूँ, मगर उसके बाद ज्यादा मेहनत नहीं लगती किसी मर्द को मुझे चरम सीमा पर पहुंचाने में. </p>
<p>थोड़ी देर उसकी जीभ मेरी योनि पर और क्या चली कि मैं कांपते हुए झड़ने लगी. फ़िर से उसी प्रकार पानी की धारा निकली और इस बार थोड़ी ज्यादा मात्रा में थी. कांतिलाल का मुँह पूरा भीग गया और बिस्तर भी गीला हो गया था. </p>
<p>अब मुझे भी अपने चूतड़ों के नीचे बहुत गीला गीला सा लगने लगा था, सो मैं वहां से हटना चाहती थी. मगर कांतिलाल मेरी योनि से मुँह हटाने का नाम ही नहीं ले रहा था. किसी तरह बहुत विनती करने के बाद वो मुझे छोड़ा और बगल में लेट गया और मुझे अपनी ओर खींच कर सीने से लगा लिया.</p>
<p>उसने मुझे अपना लिंग चूसने को इशारा किया. मैंने उसके कहने के अनुसार उसका जांघिया खींच कर निकाल दिया. उसका लिंग तनतना रहा था. मैंने सोचा कि ये तो पहले से ही तैयार है, इसे क्या चूसना. मगर मैं जानती थी कि कांतिलाल इतनी जल्दी नहीं झड़ेगा. सो मैंने उसके लिंग को पकड़ कर हाथ से ऊपर नीचे किया, तो सुपारा खुलकर निकल आया. आज भी उसका लिंग पहले की ही तरह ताकतवर और अच्छे खासे मोटाई और लंबाई में था.</p>
<p>मैंने झुक कर पहले तो सुपारे को थूक से गीला कर दिया और सुपाड़े पर जीभ फिरानी शुरू की. क्योंकि मर्दों का सुपारा ही सबसे अधिक संवेदनशील हिस्सा होता है. मैं जीभ फिराने के साथ साथ उसे अपने हाथ से हिला भी रही थी.</p>
<p>मेरे दिमाग में अब ये था कि कांतिलाल कैसे इतना उत्तेजित हो जाए कि वो सीधा संभोग करने लगे ताकि झड़कर वो भी सो जाए और मैं भी आराम कर सकूं. इसलिए मैं धीरे धीरे उसके लिंग को हिलाते हुए लिंग मुँह में लेने लगी. थोड़ी देर में मैंने उसे तेज़ी से चूसना शुरू कर दिया और हाथ से भी तेजी से हिलाना शुरू कर दिया.</p>
<p>कांतिलाल आनन्द से भर गया और वो भी मजे से कराहने लगा. मैं जितना अधिक चूस रही थी, उतना ही अधिक उसकी उत्तेजना बढ़ रही थी.</p>
<p>मेरा पैर कांतिलाल के पेट की तरफ था, सो उसने जोश में आकर मुझे खींचा और मेरे जांघें फैला कर मेरी योनि अपने मुँह के ऊपर ले आया. वो मेरी योनि को फिर से चाटने लगा. इधर मैं भी गर्म थी और वो भी उत्तेजित था. </p>
<p>इधर मैं उसका लिंग चूस रही थी और वो मेरी योनि चाट रहा था. वो मेरी योनि में उंगली डाल चाट रहा था और मैं एक हाथ से उसका लिंग हिला रही थी, दूसरे हाथ से उसके आंडों को सहला रही थी.</p>
<p>मुझे बहुत आनन्द आने लगा था और मैं उसके लिंग को पूरे जोश से चूस रही थी. थोड़ी ही देर में मैं फिर से झड़ने को तैयार थी. मेरी योनि के भीतर कहीं पानी का फव्वारा सा रुका पड़ा था. मैं अभी भी दिमाग से काम ले रही थी और कांतिलाल को इतना उत्तेजित कर देना चाहती थी कि वो संभोग के लिए तैयार हो जाए या झड़ जाए. सो मैंने मर्दों के दूसरे सबसे संवेदनशील हिस्से वाली जगह को सहलाना शुरू किया.</p>
<p>अब मैंने उसके आंडों और गुदा द्वार के बीच वाले हिस्से की नसों को हल्के हल्के दबाते हुए सहलाना शुरू कर दिया. इससे कांतिलाल इतना जोश में आ गया कि मेरी योनि ही चबाने की तरह चाटने लगा. </p>
<p>फिर क्या था मैं उसके लिंग को मुँह में भर कर आंडों को पकड़ बुत की तरह शांत हो गई और अपने चूतड़ों और कमर के हिस्सा को झटकते हुए झड़ने लगी. मेरी योनि से निकलता हुआ पानी कांतिलाल के मुँह से होता हुआ छाती तक आ गया. मैं ढीली होने लगी और मैंने उसके लिंग को चूसना बन्द कर दिया.</p>
<p>कांतिलाल यही चाहता था. उसने मेरे शांत होते ही मुझे अपने ऊपर से नीचे किया और फ़िर मुझे सीधा लिटा कर मेरी टांगें पकड़ अपनी ओर खींचता हुआ मुझे पूरा फैला दिया. उसका लिंग अब पत्थर के समान कठोर हो चुका था. </p>
<p>मैंने उससे विनती की- प्लीज कांतिलाल जी, थोड़ा रुक जाओ.<br />
पर वो कहां किसी की सुनने वाला था. वो मेरे ऊपर जांघों के बीच आकर बोला- रुकना क्या जान … अब तो और मजा आएगा.</p>
<p>मैं इस बार बहुत कमजोरी महसूस करने लगी थी और मुझमें उसे हल्के से भी रोकने की ताकत नहीं बची थी. </p>
<p>वो मेरे ऊपर आ गया और मेरे होंठों को चूमते हुए अपना एक हाथ नीचे ले जाकर अपने लिंग को मेरी योनि के द्वार की दिशा देने लगा. उसका सुपारा मेरी योनि के छेद में मुझे महसूस हुआ, तो मेरी सांस रुकती सी महसूस हुई. इसी वक्त पर उसने अपना लिंग का सुपाड़ा हल्के से धकेल कर मेरी योनि में घुसा दिया.</p>
<p>फिर उसने मेरे हाथों को हाथों से पकड़ कर बिस्तर के दोनों तरफ फैला कर दबा दिया. वो धीरे धीरे लिंग सरकाता हुआ मेरी योनि में घुसाने लगा. मेरी योनि पहले से इतनी गीली थी कि मुझे कोई परेशानी नहीं हो रही थी. मगर मुझे अंदेशा हो रहा था कि कुछ दर्दनाक होने वाला है. उसका लिंग आधा घुस चुका था कि तभी उसने वापस सुपाड़े तक लिंग खींच लिया और पूरी ताकत लगा कर उसने ऐसा धक्का मारा कि मैं चीख पड़ी. </p>
<p>मेरी इस सेक्स कहानी पर आपके मेल आमंत्रित हैं.<br />
[email protected]<br />
कहानी का अगला भाग: खेल वही भूमिका नयी-5</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पड़ोस वाली हॉट गर्ल की चुदाई</title>
		<link>https://kahani18.com/hindi-sex-stories/pados-wali-hot-girl-ki-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Sep 2025 06:40:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिंदी सेक्स स्टोरीज]]></category>
		<category><![CDATA[Bur Ki Chudai]]></category>
		<category><![CDATA[Hot girl]]></category>
		<category><![CDATA[Mastram Sex Story]]></category>
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					<description><![CDATA[हैलो फ्रेंड्स, मैंने अपने पड़ोस की एक हॉट गर्ल को चोदा. आज मैं आपको अपनी यह सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ. आप सबका धन्यवाद कि आप सभी ने मेरी पिछली सेक्स स्टोरी को, जो अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज साईट पर प्रकाशित हुई थी, इतना अधिक पसंद किया. यह तब की बात है, जब मेरी <a title="पड़ोस वाली हॉट गर्ल की चुदाई" class="read-more" href="https://kahani18.com/hindi-sex-stories/pados-wali-hot-girl-ki-chudai/" aria-label="Continue reading पड़ोस वाली हॉट गर्ल की चुदाई">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हैलो फ्रेंड्स, मैंने अपने पड़ोस की एक हॉट गर्ल को चोदा. आज मैं आपको अपनी यह सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ.</p>
<p>आप सबका धन्यवाद कि आप सभी ने मेरी पिछली सेक्स स्टोरी को, जो अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज साईट पर प्रकाशित हुई थी, इतना अधिक पसंद किया. </p>
<p>यह तब की बात है, जब मेरी इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर का एग्जाम हो चुका था. मैं एग्जाम देकर अपने घर आया था. </p>
<p>मेरे घर के सामने एक लड़की रहती है, जिसका नाम शीमा (नाम बदला हुआ) है. वो दिखने में बहुत हॉट, खूबसूरत और सेक्सी है. वो लड़की शीमा मुझे पहले से ही अच्छी लगती थी. उसको लेकर मैं सोचता रहता था कि काश इस हॉट गर्ल चोदने का मौका मिल जाए … तो मजा आ जाए. </p>
<p>घर आने के बाद मैं उससे रोज बात करने लगा था. वो भी मुझसे हंस हंस कर बात करती थी. हम दोनों के बीच हर तरह का हंसी मज़ाक होने लगा था. </p>
<p>इस बार हमारे बीच इतनी अधिक नजदीकी बढ़ गई थी कि मैं हंसी मजाक के बहाने उसके शरीर को जहां तहां छू देता था. जब उसकी तरफ से कोई विरोध नहीं हुआ, तो मैं अब उसकी गांड भी कभी कभी छू देता था. वो मेरी इस हरकत का कभी बुरा नहीं मानती थी. इससे मुझे लगने लगा था कि ये भी मेरी तरफ आकर्षित है. हम दोनों में सेक्स को लेकर भी खुल कर चर्चा होने लगी थी. </p>
<p>एक दिन जब मैं सुबह उठा तो मेरे मम्मी और पापा कहीं जाने की तैयारी कर रहे थे.<br />
मुझे पहले तो हैरानी हुई कि अचानक मम्मी पापा का किधर जाने का प्लान बन गया. मेरे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मेरे एक दूर वाले अंकल की तबीयत खराब है, तो उन्हीं को देखने और उनसे मिलने वे दोनों अस्पताल जा रहे हैं. चूंकि अस्पताल दूर था, तो उन्होंने मुझसे कहा कि उनको वापस घर आने में रात हो जाएगी. </p>
<p>मैं कुछ नहीं बोला. </p>
<p>मम्मी ने बताया कि उन्होंने मेरे खाने का इंतज़ाम शीमा के घर पर ही कर दिया है. मम्मी ने शीमा की माँ को बोल दिया था कि आज का मेरा खाना वो ही बना दें. </p>
<p>मैं शीमा का नाम सुनकर एकदम से मन ही मन खुश हो गया था कि शायद आज शीमा को चोदने का मौका मिल जाए. </p>
<p>यही हुआ भी ऊपर वाले ने आज मेरी सुन ली थी. उस दिन दोपहर को शीमा मेरा खाना लेकर मेरे घर आई. उस वक्त मैं अपने कंप्यूटर पर व्यस्त था. उसने घर में आते ही देखा कि मैं कंप्यूटर पर गेम खेल रहा था. </p>
<p>तो उसने बोला- अरे वाह अकेले अकेले ही गेम खेल रहे हो?<br />
मैं बोला- नहीं यार … मैंने अपने दोस्त को कॉल करके बुलाया था, पर वो कुछ काम होने के कारण नहीं आ सकता था. </p>
<p>इस पर शीमा ने बोला- कोई बात नहीं यार … मैं हूँ ना. मैं तुम्हारे साथ हर तरह का गेम खेलने को तैयार हूँ.<br />
उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा मुस्कुराया और मैंने कहा- हर तरह का?<br />
वो एक पल के लिए झेंपी लेकिन अगले ही पल बोली- हां, हर तरह का खेल खेलने को राजी हूँ.<br />
मैंने उसको आंख मारी और कहा- ठीक है, पहले खाना खा लेता हूँ, फिर हम दोनों मस्त वाला गेम खेलते हैं. </p>
<p>मैं खाना खाने बैठ गया. वो किचन से मेरे लिए पानी लेकर आई. मैंने खाना खाया. उसके बाद मैं और शीमा हम दोनों कंप्यूटर पर गेम खेलने बैठ गए. </p>
<p>मैंने उसे बड़ी गौर से देखा. उस दिन उसने ट्राउज़र और शर्ट पहना था, वो बड़ी मस्त लग रही थी. </p>
<p>हम दोनों चिपक कर गेम खेलने लगे. गेम खेलते खेलते कभी कभी मैं उसकी जांघ पर अपना हाथ रख देता … तो वो मुझसे और भी सट जाती.<br />
दोस्तो क्या बताऊं, उसकी जांघ छूते छूते ही मेरा लंड खड़ा हो गया. </p>
<p>मैं घर में चड्डी नहीं पहनता हूँ … तो मेरा लंड खड़ा होने लगा. जब उसकी जांघ के टच से मेरा लंड खड़ा हो गया तो वो उभर कर बाहर से दिखने लगा. शीमा इस बात पर ध्यान दे रही थी.<br />
उसने मेरे खड़े होते लंड को देखा, तो वो हंसने लगी. </p>
<p>मैंने उससे हंसने का कारण पूछा, तो उसने कहा- तुम्हारा सिग्नल खड़ा हो गया है.<br />
मैंने बोला- ये तुम्हें देख कर ही सिग्नल पकड़ रहा है.<br />
वो मेरी बात से ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी.</p>
<p>उसी वक्त उसने अपनी मम्मी को कॉल लगाया और कहा कि मॉम मैं थोड़ी देर से आऊंगी. राज अकेले घर में बोर रहा है तो उसके साथ कंप्यूटर पर गेम खेल रही हूँ.<br />
उसकी माँ ने कहा- ठीक है.<br />
उसने माँ की हामी पाते ही कॉल कट कर दिया. </p>
<p>उसके बाद शीमा ने मेरे लंड पर हाथ रख कर कहा- देखूँ ज़रा कितना सिग्नल पकड़ रहा है?<br />
वो मेरे लंड को सहलाते हुए धीरे धीरे हिलाने लगी. वो मुझे वासना भरी निगाहों से देख रही थी. </p>
<p>मैंने तुरंत उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिए और अपने हाथों को उसके मम्मों पर रख कर उन्हें दबाने लगा. वो मेरी बांहों में झूल गई. हम दोनों जवानी की आग में झुलसने लगे. मेरे हाथ उसके मम्मों के अलावा उसकी गांड को भी सहलाने लगे थे. हम दोनों एक दूसरे से एकदम चिपके हुए अपने दिलों की चाहत को अपनी मंजिल तक ले जाने के लिए पूरी तरह से कामुक हो उठे थे.</p>
<p>उसने मादकता भरे स्वर में कहा- तुमने कितनी देर लगा दी … ये खेल खेलने में!<br />
मैं- देर आया … दुरुस्त आया.<br />
वो मुझसे लिपट गई.</p>
<p>कोई 10 मिनट के लगातार चुम्बन करने के बाद मैंने उसकी शर्ट के बटनों को एक एक करके खोलना शुरू कर दिया. कुछ ही पलों उसकी शर्ट ने उसके शरीर का साथ छोड़ दिया था. </p>
<p>शर्ट के अन्दर शीमा ने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी. मैं उसकी ब्रा के ऊपर से उसके मम्मों को रगड़ने लगा. वो ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’ की सिसकारियां लेने लगी. </p>
<p>कुछ देर बाद मैं उसे अपनी गोद में उठा कर अपने रूम में ले गया और उसे बेड पर लेटा दिया. उसके बिस्तर पर गिरते ही उसके ऊपर चढ़ कर मैं उसे चूमने लगा. कुछ देर बाद मैंने उसके ट्राउज़र को निकाल दिया और दोस्तों क्या बताऊं उसने पैंटी भी काली पहनी थी. </p>
<p>मैं आपको बता दूँ कि मुझे गोरी लड़की जब ब्लैक ड्रेस पहनती है, तो बहुत सेक्सी लगती है. उसे इस तरह देख कर मैं खुद को रोक नहीं पाया और मैं उस पर टूट पड़ा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. </p>
<p>कुछ देर बाद उसने मुझे बेड पर नीचे लिटा दिया और वो मेरे ऊपर आ गई. वह मेरी टी-शर्ट को उतार कर मेरी छाती पर अपने हाथ फेरने लगी. फिर वो मेरे कड़ियल जिस्म को चूमने लगी.</p>
<p>थोड़ी देर बाद उसने मेरे लोअर को भी निकाल दिया और मेरे लंड को हाथ में पकड़ लिया. उस हॉट गर्ल के हाथ में लंड आते ही मैं एकदम से गनगना उठा. वो लंड सहलाते और हिलाते हुए मेरी आंखों में आंखें डाल कर देखने लगी.</p>
<p>मैंने उसको इशारा किया, तो वो समझ गई और उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया. पहले तो उसने मेरे लंड के सुपारे ऊपर अपनी जीभ फिराई और मेरे लंड को टट्टों से लेकर ऊपर तक चाटा और इसके बाद तो मानो उसने तूफ़ान खड़ा कर दिया. अब वो मेरे तनतनाए हुए लंड को अन्दर तक लेकर बिल्कुल लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी थी. उसके मुँह की गर्मी पाकर मेरी आंखों में मदहोशी सी छा गई. मैं अपनी दोनों आंखें बंद करके लंड चुसाई का मजा लेने लगा.</p>
<p>दो मिनट बाद उसने खुद अपनी पैंटी को उतारा और मुझे धक्का देकर बिस्तर पर सीधा लिटा दिया.<br />
मैं अभी कुछ समझ पाता, तब तक वो मेरे लंड के ऊपर बैठ कर चूत की मुँह में लंड सैट करने लगी. मैंने गांड हिला कर लंड को उसकी चूत का मुँह ढूंढा और लंड को चूत में सैट कर दिया.</p>
<p>अब वो अपनी गांड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगी. इससे मेरा लंड पूरी तरह से उसकी चूत में घुस गया. मैंने भी उसकी कमर को पकड़ लिया. </p>
<p>अब उसने अपनी ब्रा भी उतार दी और अपनी गांड को आगे पीछे करते हुए मुझे लिप किस करने लगी. इस वक्त उसकी चूचियां मेरी छाती पर हिलते हुए मुझे बड़ा मजा दे रही थी.</p>
<p>कोई 15 मिनट बाद मैंने उसे अपने नीचे किया और उसकी एक टाँग तो अपने कंधे पर रख लिया.</p>
<p>अब मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और आगे पीछे करने लगा. मैं इस वक्त एकदम डिप्स मारने जैसी कसरत कर रहा था, उसके दोनों मम्मों को मैं अपने दोनों हाथों में दबोचे हुए लगातार चोदे जा रहा था. उसकी मस्ती अपने चरम पर थी. </p>
<p>कोई 10 मिनट बाद वो बड़ी तेज आवाज में सीत्कार करने लगी. मैं समझ गया कि शीमा झड़ने वाली हो गई है. उसकी चूत ने पानी छोड़ा कि ठीक उसके बाद ही मेरा पानी छूटने वाला हो गया.</p>
<p>मैंने झट से अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसके नंगे बदन को चूमने लगा. इस तरह मेरा लंड झड़ने से रह गया. फिर 5 मिनट बाद जब मेरा लंड थोड़ा शांत हुआ, तो उसने फिर से अपने हाथ से मेरा लंड खड़ा कर दिया और मैंने फिर से उसकी चूत में डाल दिया और उसे चोदने लगा. </p>
<p>हम दोनों एक दूसरे के आगोश में पूरी तरह खो चुके थे. मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और 10 मिनट बाद मैं उसकी चूत में झड़ गया. मैं देर तक उसकी छूट में ही अपने लंड की पिचकारियां छोड़ता रहा.<br />
वो एकदम से निढाल होकर अपने जिस्म को ऐसे थिरका रही थी, मानो मेरे रस को वो अपने अन्दर जज्ब कर रही हो.</p>
<p>माल झड़ जाने के बाद मेरा लंड सिकुड़ गया. जब मैंने लंड बाहर निकाला, तो उसकी चूत से पानी टपक रहा था. वो मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी. मैंने उसे चूम लिया. </p>
<p>हम दोनों कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे की बांहों में लिपटे पड़े रहे. तभी उसकी मम्मी का कॉल आया और वो उसे घर वापस आने के लिए बुलाने लगीं. </p>
<p>फिर हम दोनों ने एक ज़ोरदार स्मूच किया और अपने अपने कपड़े पहन लिए. वो टिफिन लेकर अपने घर चली गई. </p>
<p>अब जब भी मौका मिलता है, हम दोनों जम कर चुदाई का मज़ा ले लेते हैं और मज़े करते हैं. </p>
<p>दोस्तो, मेरी ये हॉट गर्ल की चुदाई कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज़ मुझे मेल करके बताना न भूलना. </p>
<p>आपका राज<br />
[email protected]</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फेसबुक कपल का सेक्स सरप्राइज़</title>
		<link>https://kahani18.com/hindi-sex-stories/facebook-couple-sex/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Sep 2025 06:30:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिंदी सेक्स स्टोरीज]]></category>
		<category><![CDATA[Garam Kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[हाय दोस्तो, मैं कपिल रोहिणी (दिल्ली) से आपको अपनी एक और सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं. ये बात 2017 की है। उस वक्त तक मेरी शादी को 5 साल हो चुके थे. तब मुझे फेसबुक पर पता चला कि बहुत सारे लोगों ने कपल टू कपल सेक्स, ककॉल्ड और तरह-तरह के न्यूड फोटो वाले <a title="फेसबुक कपल का सेक्स सरप्राइज़" class="read-more" href="https://kahani18.com/hindi-sex-stories/facebook-couple-sex/" aria-label="Continue reading फेसबुक कपल का सेक्स सरप्राइज़">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हाय दोस्तो, मैं कपिल रोहिणी (दिल्ली) से आपको अपनी एक और सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं. ये बात 2017 की है। उस वक्त तक मेरी शादी को 5 साल हो चुके थे. तब मुझे फेसबुक पर पता चला कि बहुत सारे लोगों ने कपल टू कपल सेक्स, ककॉल्ड और तरह-तरह के न्यूड फोटो वाले फेक (नकली) अकाउंट बनाये हुए हैँ. मैंने भी एक रोहिणी समीर के नाम से कपल अकाउंट बनाया और बहुत सारे कपल की रिक्वेस्ट आ गयी.</p>
<p>अकाउंट बनाने के कुछ दिन बाद ही मेरी वहां पर लोगों से चैट होने लगी. आपस में कपल की सेक्सी और नंगी पिक्स भी शेयर होने लगीं. मैं भी इसके चलते वाइफ स्वैप करने की कल्पना करने लगा. ऐसे ही वक्त बीतता गया.</p>
<p>एक दिन मुझे एक कॉल आयी. एक आदमी ने मुझे कैज्युअली (सामान्य रूप में) मिलने के लिए रिक्वेस्ट की. उसने मुझे रविवार के दिन मिलने के लिए कहा. बात करने के बाद द्वारका के सेक्टर 12 वाले मैट्रो स्टेशन पर मिलने के लिए समय तय किया गया.</p>
<p>मेरा यह पहला ही अनुभव था तो मैं तय समय पर ही उससे मिलने के लिए पहुंच गया. वो आदमी पांच मिनट में ही स्टेशन पर आ पहुँचा. उसने मुझे अपनी कार में बैठाया. उससे बातें होने लगीं.<br />
उसका नाम राजेश था. उम्र लगभग 42 साल के करीब थी. वो मुझसे मिल कर काफी खुश हुआ और प्रभावित भी हुआ. कुछ देर तक बातें करने के बाद वो मुझे अपने फ्लैट पर ले गया. उसका फ्लैट वहीं पास में ही था.</p>
<p>उसके घर पर पहुंच कर जब हमने दरवाजे की घण्टी बजाई तो उसकी पत्नी ने दरवाजा ने खोला. उसकी बीवी 5.6 इंच लम्बी हाइट वाली बिल्कुल स्लिम फिट थी. उसका फिगर देखते ही मेरे मुंह में पानी आना शुरू हो गया.</p>
<p>उसकी बीवी के मोटे-मोटे चूचे देख कर मन करने लगा था कि पहले उनसे ही खेल लूं. मैंने उसको ऊपर से नीचे तक पूरा नाप लिया. उसका रंग भी बहुत गोरा था. नाम था डॉक्टर किरण लेकिन देखने में एकदम मस्त हिरोइन जैसी लग रही थी. 38 साल की उम्र में भी 30 से नीचे की ही मालूम पड़ रही थी. जबकि राजेश की उम्र कहीं ज्यादा लगती थी देखने में. वो 42 साल के होकर भी 52 साल के लग रहे थे.<br />
उसकी बीवी ने स्टाइलिश लुक वाली जीन्स और जैकेट पहनी हुई थी.</p>
<p>हाय हैल्लो होने के बाद हम तीनों वहीं हॉल में बैठ गये. किरण किचन में जाकर कोल्ड ड्रिंक ले आई. वो दोनों मेरी अगल बगल में बैठ गये.</p>
<p>फिर उन्होंने मुझसे मेरी वाइफ की कुछ पिक्स दिखाने के लिए कहा. मैंने उनको हम दोनों की कुछ नंगी फोटो दिखाई.<br />
वो दोनों बहुत खुश हुए. मुझसे बोले- समीर तुम बहुत क्यूट और अच्छे पर्सन हो. हमें तुम्हारी पिक्स काफी पसंद आईं.  </p>
<p>फिर किरण ने राजेश के कान में कुछ कहा और वो दूसरे कमरे में चली गयी. इधर राजेश ने मुझे साफ-साफ कहा- समीर बात ये है कि वैसे तो हम दोनों ही पेड (पैसे लेने वाले) कपल हैं, मेरी वाइफ पैसे लेकर सेक्स करती है. 3000 रूपये प्रति शॉट लेती है. यही उसका रेट है. लेकिन मैं उसके साथ शामिल नहीं हो पाता हूं.</p>
<p>उसकी बात सुन कर मैं थोड़ा हैरान हो रहा था. एक तो उसने पहले मुझे इस बारे में कुछ नहीं बताया था. जब चैट हो रही थी तो उसने पैसे को लेकर कोई जिक्र नहीं किया था.</p>
<p>मगर साथ ही मुझे ये बात भी अजीब सी लग रही थी कि चैट में ये दोनों ही कपल्स के लिए सेक्स की बात करते थे और अब यह कह रहा था कि वह सेक्स में शामिल नहीं हो पाता है.</p>
<p>मेरे चेहरे पर जिज्ञासा के भाव देख कर वो भी समझ गया था कि मुझे उनकी बात समझ नहीं आ रही है. फिर मैंने उनसे इसका कारण पूछा।</p>
<p>राजेश ने बताया कि उसकी पत्नी भले ही पैसे लेकर सेक्स करती है लेकिन वो खुद सेक्स के काबिल ही नहीं है. उसका लंड खड़ा नहीं हो पाता था. राजेश ने कहा कि मैं अपनी पत्नी को खुश नहीं कर पाता हूं इसलिए वो पैसे लेकर सेक्स का मजा ले लेती है. इससे मेरी पत्नी को संतुष्टि भी मिल जाती है और हमारी कुछ आमदनी भी हो जाती है. उस पैसे से वो अपने आप को मेंटेन करके रखती है. सेक्सी ब्रा और पैंटी खरीद लेती है. मालिश वगैरह का भी खर्च निकल जाता है. वह जिम जाकर अपनी फिगर को भी मेंटेन रखती है.</p>
<p>मैंने कहा- सर, मुझे नहीं मालूम था कि आप लोग पैसे लेकर ये सब काम करते हो. मैं पैसे देकर ये सब काम नहीं कर सकता हूं और न ही मेरे पास इतने पैसे हैं देने के लिए।<br />
वो बोले- मैं जानता हूं समीर और पहले ये सब न बताने के लिए मैं तुमसे सॉरी कहता हूं. मगर जब मेरी बीवी ने व्हाट्एप पर तुम्हारी फोटो देखी थी तो उसको यकीन नहीं हो रहा था कि तुम कोई 34 साल के युवक हो. उसे लग रहा था कि तुम करीबन 20-22 साल के जवान युवक होगे. वो तो यह भी मानने के लिए तैयार नहीं थी कि आपकी शादी हो चुकी है. उसको आप इतने क्यूट लगे कि वह आपको अविवाहित समझ रही थी. लेकिन तुम पैसे को लेकर चिंता न करो. किरण तो आपके साथ मुफ्त में ही सेक्स करने के लिए तैयार है. इस लिए वो उठ कर पहले ही रूम में चली गयी है. वो अंदर तुम्हारा ही इंतजार कर रही है. तुम जाओ और एंजॉय करो.</p>
<p>मैंने कहा- सर मुझे ऐसे तो बड़ा ही अजीब सा लग रहा है. मैं अकेले कैसे करूंगा. आप भी साथ होते तो ज्यादा बेहतर होता. </p>
<p>वो मेरी बात को सुनकर हंसने लगे और फिर मेरे साथ चलने के लिए तैयार हो गये. हम दोनों रूम के अंदर चले गये. अंदर जाकर देखा तो किरण बेड पर लेटी हुई थी. हमने रूम का दरवाजा बंद कर दिया. मेरे पास जाते ही किरण ने मुझे अपनी तरफ खींच लिया. मैं बेड के साथ में ही खड़ा था कि उसने मेरी जिप को खोल दिया. मेरे अंडरवियर में हाथ डालकर उसने मेरे आधे सोये हुए लंड को बाहर निकाल लिया और एकदम से मुंह में लेकर चूसने लगी. </p>
<p>लंड उसकी बीवी के मुंह में जाते ही मुझे मजा आने लगा और मेरी सारी हिचक कम होती चली गई. राजेश ने एक कुर्सी अपने पास खींच ली और उस पर हमारे सामने ही बैठ गया. किरण मेरे लंड को चूस रही थी और मेरा लंड उसके मुंह में खड़ा होकर पूरा तन गया था. मेरा लंड उसकी बीवी के मुंह में पूरा का पूरा भर गया था. </p>
<p>धीरे-धीरे हम दोनों नंगे होने लगे. मैंने अपने कपड़े उतारने शुरू किये और किरण ने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिये. मैं अंडरवियर में आ गया और वो पिंक कलर की ब्रा और पैंटी में। उसको देख कर मेरे अंदर सेक्स भड़क गया. बहुत ही सेक्सी लग रही थी वो औरत उस ब्रा और पैंटी में. उसका बदन एकदम मखमली और चिकना था. मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि राजेश का लंड इसको देख कर भी खड़ा नहीं होता है.</p>
<p>मैंने किरण की ब्रा-पैंटी खोल दी. उसके मोटे बूब्स को खूब ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा और दबाने लगा. मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैंने काफी देर तक उसके बूब्स को मस्ती से चूसा और उसके निप्पलों को मुंह में लेकर चूसा. उसके चूचे बहुत मस्त थे.</p>
<p>फिर मैंने उसकी पैंटी को भी निकाल दिया. उसकी चूत देख कर तो मैं हैरान ही रह गया. मैंने इससे पहले भी बहुत सी चूत देखी थी लेकिन उसकी चूत सच में कमाल की थी. उसकी चूत को देख कर मैंने उसको वहीं बेड पर पटका और उसकी टांगें खोल कर उसकी चूत को चाटने लगा. उसकी चूत से गर्म पानी निकलने लगा था. मैंने काफी देर तक उसकी चूत को चाटते हुए उसका गर्म पानी पीया.</p>
<p>उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया और हम दोनों अब 69 की पोजीशन में एक दूसरे को मजा देने लगे. म्म्म … मुंअअ … गप्प् गप्प की आवाज के साथ वो मस्ती से मेरे लंड को चूस रही थी. उसको मेरा लंड बहुत पसंद आ गया था. मेरा लंड भी पूरा कड़क हो गया था और अब मैं उसकी चूत मारने के लिए और ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता था.  </p>
<p>फिर चूसने और चाटने के बाद उसने एक कॉन्डम उठाया और उसको खोल कर मेरे लंड पर चढ़ा दिया. मैंने उसकी चूत मे लंड डाल दिया.</p>
<p>उम्म्ह … अहह … हय … ओह … उसकी चूत में लंड को डालने के बाद मुझे पूरा यकीन हो गया कि इसके पति ने तो सच में इस जन्नत के मजे नहीं लिये हैं. उसकी चूत इतनी उम्र में भी काफी टाइट लग रही थी. वो सच में अपने आपको मेंटेन करके रखे हुए थी. उसकी चूत में लंड जाने के बाद ऐसी फीलिंग आ रही थी जैसे कि मैंने किसी 20 या 22 साल की लड़की की चूत में लंड को डाला हुआ है. </p>
<p>चूत में लंड को घुसाने के बाद मैं उसकी चुदाई करने लगा. हम दोनों ही चुदाई में मस्त हो गये. राजेश का लंड पता नहीं खड़ा हुआ या नहीं लेकिन मेरे लंड को जैसे स्वर्ग सा आनंद मिल रहा था. मैं उसकी चूत में लंड को पेलने लगा. वो भी मस्ती से मेरे लंड को लेने लगी. जैसे जैसे मेरे धक्के तेज होते जा रहे थे मैं उसके चेहरे पर आनंद को साफ-साफ देख सकता था. </p>
<p>उसकी चूत वाकई में ही बहुत कमाल थी. मैं ज्यादा देर तक उसकी चुदाई कर ही नहीं पाया. मैंने पूरे मन से 4-5 मिनट खूब ज़ोर से उसकी चुदाई की और मैं फिर झड़ गया. हम दोनों को बहुत मज़ा आया. हम दोनों कुछ देर ऐसे ही न्यूड पड़े हुए एक दूसरे के साथ चिपक कर लेटे रहे. चुम्मा-चाटी करते रहे और बातें भी करते रहे. </p>
<p>किरण ने मुझसे कहा- समीर, मैंने चुदाई तो बहुत करवाई है. बहुत से लोगों के साथ सेक्स किया है. कई लंड लिये हैं, लेकिन तुम्हारे साथ चुदाई करवा कर मुझे अपनी जवानी के दिन याद आ गये. तब मैं अपने स्कूल में लड़कों के साथ मजे लेती थी. आज मैं तन और मन दोनों से ही खुशी महसूस कर रही हूं. बहुत दिनों के बाद मुझे ऐसा अहसास हुआ है. यहाँ आने के लिए और मेरे साथ सेक्स करने के लिए थैंक्स।</p>
<p>उसके बाद हम दोनों उठ गये. फिर मैं और राजेश बाहर रूम में आ गए और किरण नहाने के लिए वाशरूम में चली गयी.</p>
<p>राजेश बोला- हमारे एक कपल फ्रेंड आने वाले हैं, वो किरण की चुदाई करेंगे इसलिए वो नहाने गयी है. फ्रेश होने के बाद वो दोबारा से लंड लेने के लिए तैयारी कर रही है.</p>
<p>कुछ देर के बाद किरण भी बाहर आ गयी. वो एकदम ताज़ा और जवान सी लग रही थी. </p>
<p>मेरे पास आकर किरण मुझसे कहने लगी- जब भी तुम्हारा मन हो तुम यहां पर मेरे फ्लैट में आकर बेझिझक मुझसे मिल सकते हो. हम तुमसे कभी कोई चार्ज नहीं लेंगे.<br />
मैंने राजेश की तरफ देखा तो उसने भी अपनी बीवी की हां में हां मिलाते हुए गर्दन हिला दी.<br />
फिर हम दोनों मुस्कराने लगे. हमें देख कर किरण भी मुस्कराने लगी.  </p>
<p>वापस जाते वक़्त किरण ने मुझे ज़ोरदार लिप किस दी, मुझे अपनी गोरी बांहों में लेकर हग किया तो जाते-जाते मैंने भी उसके एक चूचे को चूमा और फिर उसको बाय कहा. राजेश और मैं घर से बाहर आ गये.</p>
<p>राजेश ने भी मुझे आने के लिए थैंक्स कहा. फिर उसने अपनी गाड़ी में मुझे मैट्रो स्टेशन तक छोड़ा और फिर मैं अपने घर आ गया. </p>
<p>आज भी जब मैं उन पलों को याद करता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है और खुशी महसूस होती है. मैंने अपनी पत्नी को ये बात अभी तक नहीं बताई है. मैं शायद उससे ये बात कभी नहीं बताऊंगा. वैसे भी कुछ दिनों के बाद मेरा फोन खराब हो गया था और मैंने दूसरा फोन ले लिया था. मुझे राजेश और किरण का नम्बर नहीं मिल सका दोबारा और फिर मैंने कोशिश भी नहीं की. </p>
<p>मैंने वो फेसबुक आईडी खोल कर चेक किया तो वहां से सारी चैट गायब कर दी गई थी. वहां पर उस आईडी से भी मुझे कोई रेस्पोन्स नहीं आया. इसलिए उनसे दोबारा कांटेक्ट नहीं हो पाया और ना मैं दोबारा मिलने गया वहां, क्योंकि राजेश ने मुझे बताया था कि वो करोल बाग़ रहते हैं और द्वारका सोसाइटी फ्लैट में तो बस कभी-कभी वीकेंड पर ही आना होता है.</p>
<p>वो वहां पर केवल मस्ती करने के लिए आते थे. इसलिए मैंने भी ज्यादा कोशिश नहीं की। मगर किरण की चुदाई करने में मजा बहुत आया. वैसे कभी-कभी मैं उन हस्बैंड-वाइफ को काफी मिस करता हूं. वो सच में बहुत अच्छे लोग थे। अब तो मैं यही सोचता हूं कि वो जहां भी हों खुश ही होंगे। उसकी वाइफ अभी भी शायद उतनी ही मस्ती से चुदाई करवाती होगी. कई बार मैं उसके बारे में सोच कर ही लंड हिला लेता हूं.  </p>
<p>तो दोस्तो, यह घटना मेरे साथ मेरी जिंदगी में वास्तविक रूप से हुई थी. यह मेरी रियल स्टोरी आपको कैसी लगी मुझे जरूर बताना। मैंने अपनी मेल आईडी नीचे दी हुई है.<br />
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