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	<title>Family Sex Stories &#8211; Kahani18</title>
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	<description>Antarvasna Hindi Sex Story</description>
	<lastBuildDate>Sun, 12 Oct 2025 16:42:48 +0000</lastBuildDate>
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		<title>बुआ की चुदाई का मज़ा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Oct 2025 16:42:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Family Sex Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Bua Ki Chudai]]></category>
		<category><![CDATA[Garam Kahani]]></category>
		<category><![CDATA[Kamvasna]]></category>
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					<description><![CDATA[मैंने अपनी बुआ की चुदाई कैसे की, पढ़ें इस इन्सेस्ट सेक्स कहानी में … मुझे बड़ी उम्र की औरतों में दिलचस्पी है क्योंकि उनका बदन भरा पूरा और उनके स्तन, गांड बहुत बड़े होते हैं। मेरा नाम राहुल सिंह है, मैं पटना का रहने वाला हूं। मेरा क़द 5’6″ है और मेरा शरीर एथलेटिक है। <a title="बुआ की चुदाई का मज़ा" class="read-more" href="https://kahani18.com/family-sex-stories/bua-ki-chudai-ka-maja/" aria-label="Continue reading बुआ की चुदाई का मज़ा">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मैंने अपनी बुआ की चुदाई कैसे की, पढ़ें इस इन्सेस्ट सेक्स कहानी में …  मुझे बड़ी उम्र की औरतों में दिलचस्पी है क्योंकि उनका बदन भरा पूरा और उनके स्तन, गांड बहुत बड़े होते हैं।<br />
<span id="more-372"></span></p>
<p>मेरा नाम राहुल सिंह है, मैं पटना का रहने वाला हूं। मेरा क़द 5’6″ है और मेरा शरीर एथलेटिक है। मेरे लंड का साइज 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है। मैं इंजीनियरिंग फाइनल ईयर का छात्र हूँ। मेरी एक गर्लफ्रैंड भी है जो बहुत खूबसूरत और हॉट है। उसका फिगर 34-28-36 है। उसे सेक्स बहुत पसंद है, मैंने उसके साथ बहुत बार चुदाई की है।</p>
<p>लेकिन मुझे शुरू से ही बड़ी उम्र की औरतों में ज़्यादा दिलचस्पी थी। आंटी और भाभी मुझे ज़्यादा आकर्षक और उत्तेजित करती थी क्योंकि उनका बदन भरा पूरा रहता था और उनके स्तन और गांड बहुत बड़े होते हैं। किसी हॉट आंटी को देखते ही मेरा लंड सलामी देना शुरू कर देता था।</p>
<p>यह बात है सर्दियों की जब मेरी बुआ मेरे घर पर आई हुई थी। हमारा परिवार बहुत छोटा है जिसमें मेरा भाई, एक बहन और मम्मी पापा हैं।<br />
मेरी बुआ 10 दिन के लिए रहने आयी थी। उनका नाम शालिनी है और उनकी उम्र लगभग 45 साल है। वो कद में नाटी हैं। उनकी हाइट लगभग 5फुट 2 इंच है लेकिन उनका फिगर बहुत मस्त है. उनके स्तनों का साइज 36 इंच है और उनकी गांड लगभग 35 इंच की होगी।</p>
<p>मेरे फूफाजी ज़्यादातर शहर से बाहर ही रहते थे जिसके कारण बुआ को बहुत काम समय दे पाते थे. वो अपने दो बच्चों के साथ रहती थी जिनमें एक बेटा और एक बेटी थी। उनका मन भी पति से दूर रहकर तड़पता होगा। फूफाजी 4 से 5 महीने पर एक बार घर पर आते थे।</p>
<p>जब बुआ हमारे घर रहने आयी हुई थी तब मेरा पूरा परिवार किसी शादी में लखनऊ जाना था. पर मैं नहीं गया क्योंकि बुआ के साथ एक जने का रहना जरूरी था। मैंने कहा कि मैं बुआ के पास रुक जाता हूँ तो सब लोग मुझे और बुआ को घर में छोड़ कर लखनऊ चले गए. उस समय मैं अपने सेमेस्टर एग्जाम ब्रेक में घर आया हुआ था।</p>
<p>मैं अपनी बुआ के साथ बात करने में बहुत फ्रैंक था, मैं उनसे कोई भी बात करने में संकोच नहीं करता था। मैं बुआ को बहुत पसंद करता था और मैं उनके साथ सेक्स करना चाहता था. पर समझ नहीं आ रहा था कि कैसे किया जाए। मैं उनकी मुस्कान पर फिदा था, उनकी मुस्कान बहुत ही खूबसूरत थी, वो जब हँसती थी तो मेरा दिल उनको देख कर और उनके प्यार में पागल हो जाता था।</p>
<p>मेरी आदत थी कि मैं हमेशा घर के बाहर नाले के पास पेशाब किया करता था और वो जगह मेरे घर के छत से साफ दिखती थी.</p>
<p>एक बार मैं वहां मूत रहा था तो बुआ ने छत से मेरा लंड देख लिया था। मेरा लंड 6 इंच का ही है लेकिन है काफी मोटा।</p>
<h2>बुआ की चुदाई की तैयारी</h2>
<p>एक दिन की बात है जब बुआ हमारे घर में नहा रही थी। हमारे घर में एक हैंडपंप है और बुआ को हैंडपंप के पास ही नहाना पसंद था। मैं उस समय अपने कमरे में था और टीवी देख रहा था।<br />
तभी बुआ ने आवाज़ लगाई- राहुल … ज़रा आकर हैंडपंप चला कर बाल्टी भर दे।<br />
तो मैं चला गया और हैंडपंप चलाने लगा.</p>
<p>और उसी समय मेरी नज़र बुआ के गदराये बदन पर पड़ी। हाय क्या बदन था बिल्कुल शीशे जैसा … मैं दंग था कि इस उम्र में भी उन्होंने इतना अपने फिगर को मेन्टेन किया हुआ है। उस वक़्त वो पेटीकोट में थी जिससे उनके स्तनों की चूचियां साफ दिख रही थी और पेटीकोट गीली होने की वजह से उनके गोल गोल गांड भी साफ दिख रही थी।</p>
<p>यह नज़ारा देख कर मैं बेक़ाबू हो रहा था और मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था। मैं जैसे तैसे हैंडपंप चला रहा था।</p>
<p>तभी बुआ ने कहा- मेरी पीठ पर साबुन लगा दे.<br />
तो मैं उनकी पीठ पर साबुन लगाने लगा।</p>
<p>शायद बुआ को मेरा मोटा लंड याद आ रहा था और शायद उनका मुझसे चुदाई का मन बन रहा था जिसके लिए वो मुझे उत्तेजित कर रही थी।<br />
क्या मुलायम बदन था बुआ का … जी कर रहा था कि उसी वक़्त उनको चोद दूँ.</p>
<p>पर मैंने किसी तरह कंट्रोल किया। फिर मैंने जाकर बाथरूम में मुठ मारी और फिर उनके साथ खाना खाया और सो गया।</p>
<p>फिर शाम को बुआ ने बताया कि उनके पैर और पीठ में दर्द हो रहा है.<br />
तो मैंने उनसे पूछा- क्या मैं तेल मालिश कर दूं?<br />
तो उन्होंने मना कर दिया. परन्तु मैंने जैसे तैसे करके उनको मना लिया।</p>
<p>मैं सोच रहा था कि इसी बहाने कहीं बुआ की चुदाई करने का मौका मिल जाये तो मेरी ख्वाहिश पूरी हो जाएगी। मैं जाकर तेल गर्म कर के ले आया।<br />
मैंने उनको बोला- आप पेट के बल लेट जाइए!<br />
तो वो लेट गई।</p>
<p>मैंने उनकी साड़ी को घुटनों तक ऊपर कर दिया और मालिश करने लगा। जैसे कि मैंने पहले ही बताया कि मेरी बॉडी एथेलेटिक है और मैं कसरत भी करता था जिसके कारण मैंने उनकी ज़ोरदार मालिश करना शुरू कर दिया।</p>
<p>कुछ देर में बुआ को काफी अच्छा लगने लगा और वो बोली- तू तो बहुत अच्छी मालिश करता है, तेरे हाथ भी बहुत सख्त हैं।</p>
<p>थोड़ी देर बाद मैंने उनकी साड़ी को उनके कूल्हों तक सड़क दिया और मालिश करने लगा. धीरे धीरे करते हुए मैं ऊपर बढ़ता गया जिससे उनकी लाल पैंटी दिखने लगी जो उन्होंने पहनी थी।<br />
लेकिन उसके आगे बढ़ने की मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी।</p>
<p>पर उसके बाद कुछ ऐसा हुआ जिससे मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बुआ ने खुद से साड़ी को पीठ तक सरका दिया और बोली- जांघों के ऊपर भी मालिश कर।<br />
मैंने शुरू कर दिया और कुछ देर बाद मैं उनकी जांघों के बीच तेल लगाने लगा।</p>
<p>मुझे उनकी चूत की गर्मी महसूस हो रही थी। ऐसा लग रहा था कि बुआ आज मुझसे चुदने का मन बना रही हैं। वैसे भी कई दिनों से उनकी चूत की प्यास किसी ने नहीं बुझाई थी, फूफाजी 4 महीनों से घर नहीं आये थे।</p>
<p>मैं तेल लगाने में व्यस्त था, तभी उन्होंने अपने ब्लाउज और ब्रा की हुक खोल दी और कहा- पीठ पर तेल लगा दे।<br />
तो मैं वैसे ही करने लगा।</p>
<p>धीरे धीरे उनका बदन गर्म और मेरा लौड़ा कड़क हो रहा था। मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनको बोल दिया- बुआ, मैं आपको पसंद करता हूं और आपके साथ सेक्स करना चाहता हूं।<br />
इतना कहकर में चुप हो गया और थोड़ा डर भी गया कि शायद वो नाराज़ न हो जायें और ये सब पापा से न बोल दें।</p>
<p>कुछ देर बाद बुआ ने कहा- मैं ये सब इसीलिये कर रही थी कि तुम मुझसे सेक्स करने क़े लिए तैयार हो जाओ।<br />
यह सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और मैंने उनको गले से लगा लिया.</p>
<p>उसके बाद मैंने उनको किस करना शुरू किया और अपने होंठ उनके होठों पर रखकर चूसने लगा। वाह … क्या रसीले होंठ थे उनके … मैंने उसको 10 मिनट तक चूसा।</p>
<p>फिर मैंने उनकी ब्लाउज और ब्रा उतारकर दूर फेंक दिया और उनके स्तनों को निहारने लगा, क्या मोटे मोटे स्तन थे।<br />
मुझसे रहा न गया और मैं उनको पागलों की तरह चूसने और चाटने लगा। उनके मुंह से सिसकियाँ निकालनी शुरू हो गई- आआआ आह आअ आह राहुल … और ज़ोर से चूसो!<br />
तो मैं और कस के उनको दबाने और चूसने लग गया।</p>
<p>उनकी चुचियों के निप्पल फूल कर बेर के आकार के हो गये तो मैं समझ गया कि वो गर्म हो चुकी हैं।</p>
<p>उसके बाद मैंने बुआ की पैंटी उतार दी. अब वो पूरी नंगी थी.<br />
क्या नंगा बदन था उनका … सब कुछ एकदम कड़क।</p>
<p>फिर मैंने अपनी जीन्स और चड्डी उत्तर दी और नंगा हो गया। मेरा लंड फुदकता हुआ बाहर आ गया।<br />
तब मैंने उनको बोला- बुआ मेरा लंड चूसो!<br />
तो उन्होंने चूसना शुरू किया. मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आने लगा.</p>
<p>कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उनके मुंह से बाहर निकाला और उनकी टांगों को फैलाया जिससे उनकी गुलाबी चूत दिखने लगी। मैंने तुरंत अपनी उंगली उसमें डाल दी और अंदर बाहर करने लगा।<br />
अब उनकी सांसें ज़ोर ज़ोर से चलने लगी. फिर मैंने उनकी चूत को जीभ से चाटना शुरू किया। अब वो ज़ोर ज़ोर से आवाज़ें निकालने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… राहुल हां हा हा और ज़ोर से चाट बेटा, अपनी बुआ को आज अपनी रानी बना ले।</p>
<p>कुछ देर तक चाटने के बाद बुआ ने कहा- अब और मत तड़पा और अपना मोटा लंड डाल दे मेरी चूत में। मैं इससे चुदने के सपने कई दिन से देख रही थी जब मैंने तुम्हें पेशाब करते हुए देखा था।</p>
<p>फिर मैंने अपने लंड पर कंडोम लगाया और उसके सुपारे को उनकी चूत के ऊपर रख दिया और रगड़ने लगा जिससे वो और तड़पने लगी और बोली- उम्म्ह … अहह … हय … ओह … बेटा बस अब डाल दे इस मूसल को अपनी रांड बुआ की चूत में और फाड़ दे।</p>
<p>बस फिर क्या था … मैंने हल्का सा झटका लगाया और थोड़ा लंड उनकी चूत में दाखिल हो गया. बुआ की चीख निकल गयी और वो बोली- निकाल इसे बाहर!<br />
पर मैं कहाँ सुनने वाला था, एक जोरदार झटका लगाया मैंने और पूरा लंड बुआ की चूत में समा गया और शुरू हो गयी बुआ की चुदाई.</p>
<p>उनकी आंखों से आंसू निकल गए। बुआ की चुत शादी के इतने साल बाद भी काफी टाइट थी। मैंने अपने लंड को थोड़ी देर वैसे ही रोक के रखा, फिर धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए।<br />
अब उनको भी मज़ा आने लगा था और अपनी गांड उठा कर मेरा साथ देने लगी थी।</p>
<p>मैंने अपनी चोदन गति बढ़ानी चालू की और उनके मुंह से आवाज़ें आनी शुरू हो गई- राहुल लल … आह बेटे … ऐसे ही ऐसे ही चोदो … अपनी रंडी बना लो मुझे। आज मेरी चूत की प्यास बुझा दो … फाड़ दो इस चूत को। कितने दिनों से मेरी चूत एक लंड के लिए तरस रही थी … आज सब कसर मिटा दे बेटा … आह आह आह आह … तेरे फूफाजी भी कभी ऐसी चुदाई नहीं कर पाते हैं और कुछ देर में ही झड़ जाते हैं। इसलिये आज तक मैंने कभी चुदाई के असली सुख को नहीं भोगा। आज मुझे वो मिल रहा है आह आह आह उफ्फ उफ्फ उफ्फ्फ।</p>
<p>15 मिनट तक मैं बुआ की चुदाई करता रहा, फिर वो झड़ गई. मैंने अपने लंड पर गर्म लावे से कुछ महसूस किया, वो उनका वीर्य था।<br />
पर मैं लगा रहा और कुछ देर औऱ चुदाई करने के बाद मैं भी उनकी चूत में झड़ गया।</p>
<p>बुआ ने कहा कि मैंने उन्हें संतुष्ट किया है जो वो फूफाजी से कभी नहीं हो पाई।<br />
उसके बाद हमने पेशाब किया और एक दूसरे से चिपक कर सो गए।</p>
<p>उस दिन के बाद हम बुआ भतीजा ने कई बार एक दूसरे की प्यास बुझाई।</p>
<p>प्रिय पाठको, आपको कैसी लगी मेरी बुआ की चुदाई की इन्सेस्ट सेक्स कहानी?<br />
[email protected]</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मामी की चुदाई करके प्यास बुझाई</title>
		<link>https://kahani18.com/family-sex-stories/maami-ki-chudai-pyas/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Oct 2025 16:36:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Family Sex Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Mami Ki Chudai Story]]></category>
		<category><![CDATA[Porn story in Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[मैं पढ़ाई के लिए अपने मामा के घर रहता था. एक रात मैंने चुपके से मामा मामी की चुदाई देखी. तब से मैं मामी की चुदाई के ख्वाब देखने लगा. मैंने मामी की गर्म चूत की प्यास कैसे बुझाई? नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम रोहित है और मैं इंदौर (मध्य प्रदेश) का रहने वाला हूं. मेरी <a title="मामी की चुदाई करके प्यास बुझाई" class="read-more" href="https://kahani18.com/family-sex-stories/maami-ki-chudai-pyas/" aria-label="Continue reading मामी की चुदाई करके प्यास बुझाई">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मैं पढ़ाई के लिए अपने मामा के घर रहता था. एक रात मैंने चुपके से मामा मामी की चुदाई देखी. तब से मैं मामी की चुदाई के ख्वाब देखने लगा. मैंने मामी की गर्म चूत की प्यास कैसे बुझाई?<br />
<span id="more-347"></span></p>
<p>नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम रोहित है और मैं इंदौर (मध्य प्रदेश) का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 22 साल है.</p>
<p>मेरे मामाजी ग्वालियर में रहते हैं. उनका परिवार बहुत ही मॉडर्न है. मामा जी के घर पर मेरे नाना-नानी, मामा-मामी और उनके दो जुड़वा बच्चे हैं जो बहुत छोटे हैं.</p>
<p>मामी जी के बारे में बताऊं तो वह बिल्कुल गदराई हुई मस्त जवान महिला है. उनके बूब्स मीडियम साइज के हैं. वह बहुत ही गोरी भी हैं देखने में। मतलब कि उन्हें देख कर किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो सकता है.</p>
<p>मामी जी से मेरी बहुत ही अच्छी दोस्ती है और मैं उनसे अपनी हर बात शेयर करता हूं लेकिन उनसे मैंने कभी भी सेक्स वगैरह के बारे में बात नहीं की थी। मैंने कभी भी मामी जी को गलत नजरों से नहीं देखा था। </p>
<p>अब मैं असली कहानी पर आता हूं. यह कहानी तब की है जब मैं 20 साल का था और मेरे कॉलेज का फर्स्ट ईयर था. जब मैं वहां पर पढ़ाई करने के लिए गया तो मेरा बहुत ही अच्छे तरीके से स्वागत किया गया और मेरे लिये स्पेशल खाना बनाया गया. रात का खाना खाने के बाद हम लोगों की सोने की तैयारी हो गई.</p>
<p>फ्लैट में दो ही कमरे थे। एक में नाना-नानी सोते हैं और एक में मामा जी, मामी जी और उनके बच्चे सोते हैं.<br />
मैं ड्राइंग रूम में टीवी देखने लगा और वहीं सोफे पर सो गया.</p>
<p>कुछ समय बाद मेरी आंख खुली और मैं बाथरूम में गया तो मुझे कुछ आवाजें आईं. मैंने मामी जी के कमरे के पास जाकर देखा तो देखता ही रह गया. </p>
<p>मामा जी बिल्कुल नंगे लेटे हुए थे। मगर उनका लंड बहुत ही छोटा था. मामी जी कपड़े उतार रही थी. मामी जी केवल ब्रा पेंटी में थी और उनकी गोरी गोरी मांसल जांघें देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं अपने लंड को रगड़ने लगा.</p>
<p>उनके कमरे में जीरो वाट का बल्ब जल रहा था जिसकी रोशनी में बहुत ही कम दिख रहा था और मैं गेट की सांस(दरार) में से यह सब देख रहा था. मामी जी लेट गई और मामा जी मिशनरी पोजिशन में आकर उन्हें चोदने लगे और 7-8 धक्कों के बाद ही मामा जी का निकल गया और वह चुपचाप लेट गए. </p>
<p>मामा-मामी की चुदाई देख कर मेरा लंड खड़ा हो चुका था. मेरे अन्दर भी सेक्स जाग गया था. मेरा लंड बिल्कुल तन गया था. मैं अपने लंड को वहीं पर खड़ा होकर मसलने लगा.</p>
<p>मैं अभी भी वहीं पर देख रहा था और मैंने महसूस किया कि मामी जी के चेहरे पर हल्की सी मायूसी सी दिखाई दे रही थी. वो मामा जी के द्वारा किये गये सेक्स से खुश नहीं लग रही थी. मुझे भी ऐसा लग रहा था कि मामा जी का बहुत जल्दी निकल गया. इसी वजह से मामी की प्यास अधूरी रह गई होगी.</p>
<p>कुछ देर तक मामा जी लेटे रहे फिर उठ कर एक तरफ होकर चादर तान ली और सो गये. मगर मामी की नंगी चूत अभी भी मुझे दिखाई दे रही थी. मैं वहां से हटना नहीं चाह रहा था. मैंने पहली बार मामी की नंगी चूत को देखा था और बार-बार उसको देख कर मैं अपने लंड को मसल कर मजा लेने में लगा हुआ था.</p>
<p>उसके बाद मामी जी ने अपनी चूत में अपने हाथ से ही उंगली करनी शुरू कर दी. कुछ ही देर में मामी जी के मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं.</p>
<p>इधर मैं मामी जी की चूत को देख कर अपना लंड मसल रहा था और वहां मामी जी अपनी चूत में उंगली करके अपनी चूत को शांत करने की कोशिश कर रही थी. वो फिर जोर जोर से उंगली करने लगी और उनके मुंह में से तेज तेज सिसकारियां निकलने लगीं.</p>
<p>उसके बाद मैं वहां से आ गया. मैं चुपचाप जाकर सोफे पर लेट गया. मगर लेटे हुए भी मुझे नींद नहीं आ रहा थी. उस रात को मामी के प्रति मेरा नजरिया बदल गया. मैं काफी देर तक मामी की चूत के बारे में सोच कर मुट्ठ मारता रहा. जब तक मेरे लंड से वीर्य न निकल गया मुझे शांति नहीं मिली. अपना वीर्य निकाल कर फिर मैं शांत हो गया और मुझे नींद आ गई. </p>
<p>अगली सुबह को जब मेरी आंख खुली तो मामी मुझे चाय के लिए जगा रही थी. मैंने आंखें मलते हुए उनको देखा तो वो चाय का कप नीचे रख रही थी. मैंने उनके चूचों को देख लिया. मुझे जब उनके चूचों की झलक मिली तो मेरे लंड में हलचल सी होने लगी. उनकी वक्षरेखा देख कर मेरा लंड एकदम से अंदर ही अंदर तनना शुरू हो गया.</p>
<p>मैं उनको ताड़ रहा था और मामी ने मुझे ऐसा करते हुए देख लिया. मामी ने मुझसे पूछा- ऐसे क्यों देख रहा है?<br />
मैंने शर्म के मारे नजर नीचे कर ली.<br />
फिर मामी ने कहा- चाय पी लो, ये ठंडी हो रही है.</p>
<p>उस दिन मेरा मन कर रहा था कि मामी के चूचे को दबा ही दूं लेकिन अभी मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी. मामी वापस चली गई.</p>
<p>उसके बाद मैं कुछ दिन के लिए अपने घर पर चला गया. वहां पर जाकर भी मैं मामी के बारे में ही सोचता रहा. उनके चूचे मुझे रात को सोने नहीं देते थे. मैं रोज उनके बारे में सोच कर मुट्ठ मार लिया करता था. </p>
<p>कुछ दिन बीत जाने के बाद नानी ने मेरी मां के पास फोन किया और मेरे आने के बारे में पूछा क्योंकि मामा जी कुछ दिन के बाहर जा रहे थे और नानी ने मां को कह दिया कि वो मुझे यहां मामा के घर जल्दी ही भेज दें क्योंकि वहां पर घर की देखभाल करने वाला कोई नहीं था. मां ने मेरे कपड़े पैक कर दिये और मैं वापस नानी के यहां आने के लिए तैयार हो गया. </p>
<p>मैं मन ही मन खुश हो रहा था क्योंकि अब मुझे मामी को चोदने का मन कर रहा था और मैं सोच रहा था कि अब ये मौका भी अच्छा हाथ लगा है क्योंकि मामा के रहते हुए तो मैं मामी से इस तरह की बात नहीं कर पाता. अब जो कि मामा बाहर जा रहे हैं तो मामी की चूत चुदाई का रास्ता भी मेरे लिए आसान हो जायेगा. मैं किसी ने किसी बहाने से मामी से उनके मन की इच्छा जान ही लूंगा. </p>
<p>मेरे नानी के यहां आने पर मामा जी तैयार हो गए और मैं उन्हें ट्रेन में बिठा कर वापस आ गया. शाम हुई तो खाना वगैरह खा कर फिर सोने की तैयारी होने लगी. मामी जी ना बोला कि रोहित तुम हमारे साथ ही सो जाओ, आज तो मामा जी भी नहीं है.</p>
<p>मैं तो जैसे मामी के मुंह से यही सुनना चाह रहा था. मैं झट से तैयार हो गया उनके साथ सोने के लिए. हम लोग मामी जी के साथ ही सोने लगे.</p>
<p>मामी एक साइड सो रही थी, मैं एक साइड में था और बीच में दोनों बच्चे सो रहे थे. अब मैं मामी जी के सोने का इंतजार कर रहा था.</p>
<p>रात को करीब 12:00 बजे जब मुझे विश्वास हो गया कि सब सो गए हैं तब मैं जागा और मामी जी के बगल में जाकर लेट गया और उनकी जांघ पर हाथ रख कर उनकी मांसल जाँघों को छूने लगा.</p>
<p>छूते ही मेरा लंड जैसे फटने को हो गया. मैं धीरे-धीरे जांघों पर हाथ फेरने लगा. मैं उनकी मैक्सी के ऊपर से ही हाथ फेरने में लगा था. मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ उनकी चूत पर रखा और रगड़ने लगा. मामी ने शायद पैंटी नहीं पहनी हुई थी. उनकी चूत की झांट मेरे हाथ पर महसूस हो रही थी. यह अहसास पाकर मैं तो जैसे पागल ही हो गया. </p>
<p>मैंने धीरे-धीरे मैक्सी को ऊपर उठाना शुरू किया और कमर तक मैक्सी ऊपर कर दी. अब मैं भूल चुका था कि अगर वह जाग गई तो कितना बड़ा कांड हो जाएगा. मैं तो हवस के चक्कर में पागल ही हो गया था.</p>
<p>मैंने अपना लौड़ा निकाला और उनकी जांघों पर फेरने लगा.</p>
<p>तभी थोड़ी सी हलचल हुई और मामी मेरी तरफ पीठ करके लेट गई. एक बार तो मैं घबरा गया … लेकिन मामी जगी नहीं थी शायद … इसलिए मैंने दोबारा से कोशिश करने के लिए सोचा.<br />
मैं थोड़ा रुका और फिर अपना लौड़ा उनकी गांड पर रगड़ने लगा. मेरा मोटा और सख्त लंड उनको अपनी गांड पर शायद महसूस हुआ तो वो एकदम से उठ गई. </p>
<p>मैं भी झट से नीचे लेट गया. उसके बाद मैंने आंखें बंद कर लीं. मुझे डर लग रहा था. पता नहीं मामी ने क्या देखा और क्या नहीं. मगर जब मैंने दोबारा से आंखें खोलीं तो वो अपनी मैक्सी को अंधेरे में ही नीचे करके वापस लेट चुकी थी. मगर मुझसे भी रुका नहीं जा रहा था. मैं सोच रहा था कि शायद ये मौका फिर नहीं मिलेगा. </p>
<p>कुछ समय बाद मैंने उनके मम्मों पर हाथ रखा और धीरे-धीरे उन्हें दबाने लगा.<br />
मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था तो मैंने मैक्सी ऊपर उठाई और जल्दी से लौड़ा निकाल कर उनकी चूत के छेद पर रख दिया. तभी मामी जग गई और मुझे देख कर एकदम सकपका गई और धीमी आवाज में चिल्लाते हुए गुस्से से बोली- यह क्या कर रहे हो रोहित? तुम्हें समझ नहीं आता? मैं तुम्हारी मामी हूं. यह सब जो तुम कर रहे हो, यह गलत है.</p>
<p>मामी का गुस्सा देख कर मेरी गांड फट गई और मैंने उनको सॉरी बोला और उठ कर कमरे से बाहर चला गया और सोफे पर लेट गया और वहीं लेटे लेटे सो गया. मुझे डर लग रहा था कि कहीं वह शिकायत ना कर दे.</p>
<p>फिर सुबह वह चाय लेकर आई और मुझे जगाया. मैंने उनकी तरफ देखा भी नहीं. मैं नजर नीचे करके चाय पीता रहा और वह मेरे सामने ही टेबल साफ कर रही थी तो उनके मम्मों के दर्शन होने लगे.</p>
<p>पता नहीं क्यों अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. जब भी उनको देखता था तो खुद को रोकना मुश्किल हो जाता था. उनके चूचों को देखते ही उस वक्त भी मेरा लौड़ा तो जैसे फटने को हो रहा था. मैं चाय बीच में ही रख कर बाथरूम की तरफ भागा.</p>
<p>मुझे एकदम से ऐसे अधूरी चाय छोड़ कर जाते हुए देख कर मामी ने पूछ लिया कि कहां जा रहे हो. मैंने बाथरूम में घुस कर मामी को अंदर से ही आवाज लगाई कि कुछ नहीं मामी, बस अभी आ रहा हूं वापस.</p>
<p>अंदर जाने के बाद मैं बाथरूम का गेट लगाना भूल गया और लंड की मुट्ठ मारने लगा. मेरी आंखें बंद थीं और मैं तेजी से अपने लंड को हिला रहा था. पता नहीं कब मामी आ गई और उन्होंने मुझे देख लिया.</p>
<p>जब मुझे मामी के आने की आवाज सुनाई दी तो मैंने आंखें खोली ही थीं लेकिन उस वक्त मेरे हाथ में मेरा लंड था और मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी निकल रही थी. मामी ने मुझे इसी हालत में देख लिया.</p>
<p>उन्होंने हैरानी से मेरे लंड की तरफ देखा और फिर मेरे चेहरे की तरफ. फिर वो चली गईं.</p>
<p>मैंने सोचा कि मेरी किस्मत ही खराब है. मामी ने मेरा लंड देख कर भी कोई रिएक्शन नहीं दिया. अगर आज मामी गर्म हो जाती तो आज तो बाथरूम में ही मामी की चूत की चुदाई कर देनी थी मैंने। </p>
<p>मामी गेट बंद करके वापस चली गई रसोई में और मैं वापस आकर सोफे पर बैठ गया.<br />
फिर हम लोगों ने ज्यादा कुछ बात नहीं की.</p>
<p>शाम को खाने के वक्त मामी ने सुबह वाली बात का जिक्र करते हुए कहा- सुबह के लिए सॉरी रोहित. मुझे ऐसे नहीं आना चाहिए था.<br />
मैंने भी मामी को कह दिया- कोई बात नहीं मामी. मैं तो खुद आपसे कल रात के लिए माफी मांगने वाला था. मगर कहने की हिम्मत नहीं हो रही थी.</p>
<p>मगर फिर मामी ने जो बोला … वो सुन कर मुझे अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ.<br />
मामी ने कहा- कल की बात तो कल ही खत्म हो गई. अगर तुम्हारा मन करे तो तुम आज भी मेरे साथ ही सो सकते हो.</p>
<p>यह सुनते ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैंने जल्दी से खाना खाया और अंदर जाकर लेट गया. मैं बस सोने की एक्टिंग कर रहा था. मैं तो असल में मामी के आने का इंतजार कर रहा था. मेरा लंड पहले से ही मामी की चूत के बारे में सोच कर तना हुआ था. मैंने अपने लंड को अंडरवियर में दबाया हुआ था ताकि मामी को मेरा तना हुआ लंड दिखाई न दे.  </p>
<p>तभी मामी जी आई कमरे में और लाइट जलाई. तब तक बच्चे सो चुके थे और उन्हें लगा शायद मैं भी सो चुका हूं. मैं धीरे से आंख खोल कर देखा तो मामी अपने कपड़े उतार रही थी. वो अपने कपड़े उतार कर ब्रा और पैंटी में ही चादर के अंदर आ गई. उन्होंने लाइट बंद कर दी थी और कमरे में अंधेरा हो गया था. </p>
<p>मैं अपने लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगा. मैं जानता था कि अंधेरे में मामी को कुछ दिखाई नहीं पड़ेगा. वैसे भी मुझसे तो रहा नहीं जा रहा था. मामी और मेरे बीच में पिछली रात की तरह बच्चे सो रहे थे. </p>
<p>एक दो घंटे के बाद भी मुझे नींद नहीं आई और मैं कल रात की तरह ही उठ कर मामी के बगल में जाकर लेट गया. मैंने धीरे से मामी के तन से चादर को हटाया और उनके बदन पर हाथ फिराने लगा. आज मामी कोई हलचल नहीं कर रही थी. मेरे लंड का बुरा हाल होने लगा. मैंने मामी के चूचों को ब्रा के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया. मामी ने तब भी कोई हरकत नहीं की. </p>
<p>अब मेरी हिम्मत भी बढ़ गई थी. मैंने मामी की पैंटी को मसला और उनकी चूत को छूते ही मैं बेकाबू हो गया. मैंने मामी की पैंटी को खींच कर नीचे करने की कोशिश की तो मामी ने अपनी गांड को हल्के से उठा लिया और मैं समझ गया कि मामी की तरफ से भी लाइन क्लियर है.</p>
<p>बस फिर क्या था … मैं मामी पर टूट पड़ा, उनके चूचों को चूसने काटने लगा और मामी मेरे बालों में हाथ फिराने लगी. उनके गुदाज बदन को छूकर मैं बेकाबू हो गया था और मैंने झट से अपने लंड को निकाल कर मामी की चूत में लगा दिया.</p>
<p>लंड को चूत में लगा कर मैंने एक झटका मारा और मेरा लंड मामी की चूत में घुस गया. मामी ने जरा सी भी हरकत नहीं की. मेरा लंड मामी की चूत में मैंने पूरा उतार दिया. फिर मैं धीरे-धीरे उनकी चूत में धक्के मारने लगा. मैं भी कोई आवाज नहीं कर रहा था क्योंकि साथ में ही बच्चे भी सो रहे थे.</p>
<p>मैंने पांच मिनट तक मामी की चुदाई की और फिर मेरा वीर्य निकल गया. फिर मामी ने मेरे कान के पास मुंह लाकर मुझे वापस जाने के लिए कह दिया. </p>
<p>मगर मुझे अभी भी नींद नहीं आ रही थी. इतने दिनों के बाद मुझे मामी की चूत मिली थी. मैंने सुबह के करीब तीन बजे फिर से मामी को जगाया और हम दोनों चुपके से उठ कर बाथरूम में चले गये.</p>
<p>वहां जाते ही हमने धीरे से दरवाजा बंद किया और एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे. मैंने मामी के पूरे बदन को चूसा और चाटा और फिर उनकी चूत में उंगली दे दी. मामी ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और फिर मैंने उनको दीवार के सहारे लगा कर उनकी चूत में लंड को पेल दिया.</p>
<p>मैं मामी को वहीं दीवार के सहारे लगा कर चोदने लगा. मैंने दस मिनट तक मामी की चुदाई की और फिर मैं दूसरी बार मामी की चूत में झड़ गया. फिर हम दोनों चुपके से आकर लेट गये.</p>
<p>सुबह जब मामी चाय देने आई तो वह मुस्करा रही थी. जब वो मेरे करीब आई तो मैंने मामी के चूचों को नजर बचाकर छू लिया और मामी ने मेरा हाथ झटक दिया. मामी को शायद डर था कि घर में कोई देख लेगा. उसके बाद मैंने मामी की चूत कई बार चोदी. </p>
<p>अब मामी भी खुश रहने लगी थी. हमें जब भी मौका मिलता था हम चुदाई कर लेते थे.</p>
<p>फिर जब मामा वापस आ गये तो हमें मौका मिलना बंद हो गया. मगर हम दोनों ही इस बात के इंतजार में रहते थे कि कब हमें चुदाई करने का मौका मिलेगा. मामी मेरा लंड लेकर खुश रहने लगी थी और मैं भी मामी की मामी की चुदाई करके मजे लेता रहा.<br />
[email protected]</p>
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		<item>
		<title>स्टेप मॉम की चुदाई से किया सेक्स सफर शुरू</title>
		<link>https://kahani18.com/family-sex-stories/step-mom-ki-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Oct 2025 11:50:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Family Sex Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Gand Sex]]></category>
		<category><![CDATA[Garam Kahani]]></category>
		<category><![CDATA[Kamvasna]]></category>
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					<description><![CDATA[मैंने अपनी सेक्स की शुरूआत अपनी स्टेप मॉम की चुदाई आज से दस साल पहले करके की थी. नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम कुणाल है. मेरी उम्र तीस साल की है. अब तक मैं 130 लड़कियां 65 भाभियाँ, 60 आंटियां, 52 बार अपनी मॉम को चोद चुका हूं. यह मेरी पहली सेक्स कहानी है. चलिए दोस्तो, <a title="स्टेप मॉम की चुदाई से किया सेक्स सफर शुरू" class="read-more" href="https://kahani18.com/family-sex-stories/step-mom-ki-chudai/" aria-label="Continue reading स्टेप मॉम की चुदाई से किया सेक्स सफर शुरू">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मैंने अपनी सेक्स की शुरूआत अपनी स्टेप मॉम की चुदाई आज से दस साल पहले करके की थी. </p>
<p>नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम कुणाल है. मेरी उम्र तीस साल की है. अब तक मैं 130 लड़कियां 65 भाभियाँ, 60 आंटियां, 52 बार अपनी मॉम को चोद चुका हूं. यह मेरी पहली सेक्स कहानी है.</p>
<p>चलिए दोस्तो, पहले मैं आपको अपने परिवार के बारे में बताता हूं. मेरे परिवार में मेरी मॉम, मेरा बड़ा भाई और पापा रहते हैं. मेरी ये वाली मॉम मेरे पापा की दूसरी शादी से हैं. बहुत सुंदर और सेक्सी हैं. उनके लंबे और काले बाल हैं और उनके स्तन काफी बड़े हो गए हैं. </p>
<p>मेरी मॉम की गांड फूली हुई है. मेरे पापा रोज मेरी मॉम की गांड मारते हैं. माफ करना दोस्तो, मैंने अपनी मॉम का नाम नहीं बताया, मेरी मॉम का नाम नीलम है. जब मॉम की चूत मारी थी, तब मेरी मॉम की उम्र 39 साल की थी. उनका फिगर 34-26-38 का है. उनके इस फिगर को देख कर मेरा लौड़ा रोज खड़ा हो जाता था. ऊपर से वह बहुत खूबसूरत थीं तो वह मुझे मेरी मॉम नहीं, मुझे अपनी पत्नी जैसी लगती थीं. </p>
<p>मेरी मॉम को आसपास के सभी लोग चोदना चाहते थे. लेकिन मेरी मॉम केवल परिवार वालों से ही चुदवाती हैं. जी हां, परिवार के मर्द ही उनको चोदते हैं, ये खुलासा आपको कहानी के अंत में हो जाएगा.</p>
<p>जब मैं 19-20 साल का था, जब मैंने पहली बार अपनी मॉम को जमकर चोदा था. उस दिन पापा घर से बाहर गए हुए थे और मेरा भाई कॉलेज के टूर पर गया था. घर पर केवल मैं और मेरी मॉम थे.</p>
<p>मैंने उस दिन तय कर लिया था कि आज रात अपनी मॉम को अपना बना लूंगा उन्हें अपनी पहली पत्नी का दर्जा दूंगा. रात को जब मैं सेक्स फिल्में और कहानी पढ़कर घर आया, तो मुझे मेरी मॉम मेरी पत्नी के रूप में दिख रही थीं और ऐसा लग रहा था कि उन्हें अभी पकड़ कर चोद दूं.</p>
<p>उस समय मेरी मॉम खाना बना रही थीं. खाना बनाने के बाद उन्होंने मुझे आवाज दी- कुणाल आ जा, खाना खा ले बेटा.</p>
<p>मैंने अपनी मॉम के साथ खाना खाया और अपने कमरे में चला गया. मॉम भी सारा काम खत्म करके अपने कमरे में चली गईं.</p>
<p>मुझे रात को नींद नहीं आ रही थी. रात को जब मैं अपने मॉम के कमरे में गया तो उन्हें देखकर मेरा लौड़ा खड़ा हो गया. मॉम ने नाइटी पहनी हुई थी. मैंने मॉम के होंठों को देखा और उनके होंठों पर अपने होंठ लगा दिए और जोर जोर से किस करने लगा. इससे मेरी मॉम की आंख खुल गई.</p>
<p>उन्होंने मुझे यह करता देख कर पीछे धक्का दिया और कहा- मैं तेरी मॉम हूं. यह सब गलत है, जा अपने कमरे में चला जा … मैं तेरे साथ ऐसा वैसा कुछ नहीं करूंगी. </p>
<p>मैंने कहा- मॉम तो तू मेरी है पर मॉम से पहले तू एक औरत है. और मैं तेरे बेटे से पहले एक मर्द हूं. इसमें कुछ भी गलत नहीं है, मर्द हमेशा औरत को चोदता है. आज मैं तुझे चोद कर अपनी पहली पत्नी का दर्जा दूंगा. तू बहुत खूबसूरत और सेक्सी है. आज मैं तुझे नहीं छोडूंगा, तेरी गांड में अपना लंड दे कर रहूंगा. </p>
<p>कुछ देर की ना नानुकुर के बाद जब मैंने अपना लम्बा लंड खोल कर मॉम के सामने लहराया, तो मेरी मॉम मेरा लंड देख कर हैरान रह गईं. उन्होंने मेरे लंड को बड़ी बेताबी से देखा. मुझे मालूम था कि मेरे पापा का लंड मुझसे काफी छोटा है.</p>
<p>अब मॉम भी लंड देख कर खुश हो गई थीं. चूंकि उनको भी रोज रात को लंड की आदत थी. मॉम ने कहा- तुमको मुझे चोदने के लिए मुझे पकड़ना होगा.<br />
यह कह कर मॉम कमरे में पलंग के चारों तरफ भागने लगीं. मैंने बड़ी मेहनत के बाद आखिरकार मॉम को पकड़ ही लिया.</p>
<p>उसके बाद मैंने मॉम को अपनी बांहों में जकड़ा और उन्हें लिप किस करने लगा. अब मॉम भी मेरा साथ देने लगीं. वह भी मुझे लिप किस करने लगीं. किस करते करते मैं मॉम के स्तनों को भी दबा रहा था. मॉम को अपने मम्मों को मिंजवाने में बड़ा मजा आ रहा था. वह भी बड़े मजे से मुझे किस कर रही थीं. </p>
<p>मैंने मॉम को बेड से उठाकर उन्हें खड़ा कर दिया और‌ उनकी नाइटी खोल दी. मेरी मॉम ने भी मेरी शर्ट खोल दी. मेरी मॉम अब मेरे सामने पैंटी और ब्रा में थीं. दोस्तों मैंने कभी अपनी मॉम को पैंटी और ब्रा में इस तरह नहीं देखा था. आज मैंने पहली बार मॉम को इस तरह से देखा था. </p>
<p>उसके बाद मैं अपनी मॉम को फिर से किस करने लगा और उनके बालों पर हाथ फेरने लगा. मॉम के बाल बहुत लंबे थे इसलिए मैं उन्हें खींच भी रहा था.<br />
वह ‘आह आआहह …’ कर रही थीं. </p>
<p>मैं 5 मिनट तक मॉम को किस करता रहा और उनके मुँह का सारा पानी अपने मुँह में ले लिया. मॉम को किस करने के बाद में उनके स्तनों को दबाने लगा और चूमने लगा. </p>
<p>थोड़ी देर बाद मैंने उनकी ब्रा को एक झटके में फाड़ दिया. अब मेरी मॉम मेरे सामने ऊपर से पूरी नंगी थीं. मैंने अपनी मॉम के स्तनों का दूध पीना शुरू किया. </p>
<p>मॉम जोर जोर से आवाज निकाल रही थीं- आह आई … और जोर से दबा कर पी … आई … पी ले बेटा … यह तेरे लिए ही हैं. बचपन में अपनी मॉम का बहुत दूध पिया था. अब जवानी में भी चूस ले..’</p>
<p>थोड़ी देर बाद मैंने मॉम को दीवार के सहारे खड़ा कर दिया और उनकी पैंटी भी फाड़ दी. मॉम ने भी मेरे सारे कपड़े केवल अंडरवियर को छोड़कर उतार दिए. </p>
<p>अब मेरे सामने मेरी मॉम पूरी नंगी खड़ी थीं. जब मैंने मॉम के नंगे बदन को देखा, तो मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि कोई मेरे सामने एक ही बहुत खूबसूरत लड़की खड़ी हो. </p>
<p>फिर मैंने मॉम को गोदी में उठाया और बेड पर पटक दिया. बेड पर पटकने के बाद मैंने उनकी चुत को देखा, उनकी चुत पर एक भी बाल नहीं था. </p>
<p>जब मैंने उनसे चूत की झांटों के बारे में पूछा कि आपकी चुत पर बाल क्यों नहीं हैं? </p>
<p>तो उन्होंने कहा कि तुम्हारे पापा मुझे रोज चोदते हैं, इसलिए मैं सुबह ही अपने बाल साफ कर लेती हूं. </p>
<p>फिर मैंने मॉम के दोनों पैर खोले और इशारा किया. मैंने उनका इशारा समझ लिया और उनकी चुत में अपना सिर दे दिया. मैं जोर जोर से मॉम की चुत चाटने लगा. उनकी चूत बिल्कुल मक्खन जैसी मुलायम थी. मैं अपनी मॉम की चुत से निकलता हुआ लिसलिसा पानी पी रहा था और वह जोर-जोर से आवाज निकाल रही थीं. </p>
<p>‘आह उई आई मर गई अम्मा … चोद दे मादरचोद … अपनी मॉम की चुत का सारा पानी पी ले … आह आई आई रे … मर गई मैं तो..’ </p>
<p>उनकी आवाज ने मेरे अन्दर उन्हें चोदने का जुनून बना दिया था. मैंने 10 मिनट के अन्दर उनकी चुत का सारा पानी अपने मुँह में पी लिया. उसके बाद मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया. मेरा लौड़ा अंडरवियर से बाहर निकलने के बाद मेरी मॉम ने उसे देख कर कहा कि तेरा लौड़ा तो तेरे बाप से भी ज्यादा मोटा और लम्बा है. आज तू इसे मेरी चुत में डाल दे, जिससे मेरी चुत की प्यास शांत हो जाए. अपनी मॉम की चुत में घुसा दे बेटा. </p>
<p>फिर मैंने मॉम की चुत को चुदाई के लिए खोला और निशाना लगाते हुए एक ही झटके में अपना आधा लौड़ा मॉम की चूत में घुसा दिया.<br />
मॉम एकदम से हुए इस दर्द से चीख उठीं.</p>
<p>मैंने उनकी चीख पर ध्यान ही नहीं दिया और अपना बचा हुआ आधा लौड़ा दूसरे झटके में अन्दर घुसा दिया.</p>
<p>पूरा लंड घुसने के बाद मॉम और जोर से चीख उठीं. अब मेरा पूरा का पूरा लौड़ा मॉम की चूत में घुसा हुआ था … और मैं लंड पेल कर रुक गया. </p>
<p>मॉम दर्द से चीख रही थीं, क्योंकि मेरा लौड़ा लंबा और मोटा था. फिर मैंने धीरे-धीरे धक्का मारना शुरू किया. मॉम दर्द से कलपते हुए भी चोदने के लिए कह रही थीं- आह उम्म्ह … अहह … हय … ओह … अई आह … चोद अपनी मॉम को बेटा चोद दे. </p>
<p>मैंने आराम आराम से धक्का मारना शुरू किया. मॉम को दर्द हो रहा था इसलिए मैंने उनका एक पैर उठाया और अपने कंधे पर रख दिया. उसके बाद मैंने मॉम की चुदाई जोर जोर से करनी शुरू किया.</p>
<p>मॉम की सेक्सी आवाजें रुकने का नाम नहीं ले रही थीं. वे अब तक एक बार झड़ चुकी थीं. थोड़ी देर की धकापेल चुदाई के बाद मैंने मॉम की‌ चुत में से लौड़ा निकाला और उनके मुँह में दे दिया. </p>
<p>मॉम ने मेरा लौड़ा 10 मिनट तक चूसा. जब मॉम मेरा लौड़ा चूस रही थीं, तब मैंने उनकी चुत में उंगली की. </p>
<p>लौड़ा चूसने के बाद मैंने मॉम की चुत का माल उन्हें खिलाया. फिर किस करने लगा. </p>
<p>किस करने के बाद मैंने मॉम की घोड़ी बना कर चुदाई की. कुछ मिनट की चुदाई के बाद मॉम फिर से झड़ गईं. बाद में मैं भी झड़ गया. इस बार मैंने अपना सारा पानी में मॉम की चुत में छोड़ दिया.</p>
<p>दो बार मॉम की चुदाई करने के बाद मैं सोने के लिए अपने कमरे में जाने लगा. तभी मॉम ने मेरा हाथ पकड़ा और खींच कर मुझे तरह तरह की गाली देने लगीं और कहने लगीं- मेरी गांड क्या तेरा बाप मारेगा … साले गांड मार … फिर सोने जाना.</p>
<p>मैंने मॉम की गांड चाटना शुरू किया. मॉम की गांड चाटते चाटते बीच में मैं उनकी गांड में उंगली भी कर रहा था. मॉम फिर से आवाज निकालने लगीं- आआह अई अई आह मर गई मैं तो!<br />
कुछ देर तक गांड चाटने के बाद मैंने अपना लौड़ा उनकी गांड में दे दिया और उनकी गांड चोदने लगा. </p>
<p>मैं मॉम के चूचे पकड़ कर कहने लगा- नीलम साली … आज से तू मेरी रखैल है. मैं तुझे जब चाहे चोद दूंगा. तुझे चोदे बिना मैं कभी नहीं सोऊंगा. </p>
<p>गांड मारने के बाद में मॉम ने पूछा- तू मुझे अपने बच्चे की मॉम कब बनाएगा.<br />
मैंने मॉम से कहा- मैं तुझे 40 दिन में अपने बच्चे की मॉम बना दूंगा. </p>
<p>उस रात मैंने मॉम की 4 बार चुदाई की और उन्हें मैंने अपनी पहली पत्नी बना दिया.</p>
<p>अगले दिन जब हम सुबह उठे … तो मैंने मॉम से कहा- पापा मुझ पर बहुत गुस्सा करेंगे, अगर मैंने आपको अपने बच्चे की मॉम बना दिया.<br />
तब मॉम ने कहा- हमारा परिवार चुत मारने वाला परिवार है … तुझसे पहले तेरा भाई मुझे चोद चुका है. तेरे पापा को यह बात पता है कि उनके बाद मैं तेरे भाई से चुत चुदवाती हूं. अगर तूने मुझे माँ बना दिया, तो कोई दिक्कत नहीं.</p>
<p>फिर मैंने मॉम को लिप किस किया और पूछा- तुम्हें सबसे पहले किसने चोदा था?<br />
मॉम ने कहा- सबसे पहले मुझे तेरे बाप ने चोदा था. तेरे बाप ने मुझे रुला दिया था.<br />
“फिर उसके बाद?”<br />
मॉम ने कहा- मैंने तेरे बाप से शादी की थी. उस साले ने मुझे चोद चोद कर मार दिया था. अगर तुम मुझे अपने बाप के सामने भी चोदेगा, तो उसे कोई दिक्कत नहीं होगी. </p>
<p>उसके बाद मैंने फिर से सुबह अपनी मम्मी की चुदाई कर डाली. अब मैं अपनी मॉम को रोज़ चोदता हूं. अब तो मम्मी एकदम बिंदास नंगी ही घर में घूमती हैं. मैंने अपने पापा के साथ भी उनको चोदा है. उसकी कहानी मैं बाद में लिखूंगा.</p>
<p>इस तरह मैंने अपनी मॉम की चुदाई करके अपनी सेक्स सफर की शुरूआत की.</p>
<p>अगर आपको मेरी मॉम की चुदाई की सेक्स कहानी अच्छी लगी?<br />
मेरी ईमेल आईडी पर मैसेज भेजिए.<br />
[email protected]</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>माँ की चूत की सफाई और चुदाई</title>
		<link>https://kahani18.com/family-sex-stories/maa-ki-chut-safayi-chudayi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Oct 2025 11:47:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Family Sex Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Mastram Sex Story]]></category>
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					<description><![CDATA[मैंने अपनी माँ की चूत नंगी देखी तो मेरा मन माँ की चुदाई को करने लगा. मुझे पता था कि माँ पिताजी की चुदाई से खुश नहीं हैं. तभी शायद माँ ने अपनी चूत मुझे दिखाई थी. दोस्तो नमस्कार, मेरा नाम पंकज है. मेरी उम्र 23 साल है और मैं जयपुर का रहने वाला हूं. <a title="माँ की चूत की सफाई और चुदाई" class="read-more" href="https://kahani18.com/family-sex-stories/maa-ki-chut-safayi-chudayi/" aria-label="Continue reading माँ की चूत की सफाई और चुदाई">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मैंने अपनी माँ की चूत नंगी देखी तो मेरा मन माँ की चुदाई को करने लगा. मुझे पता था कि माँ पिताजी की चुदाई से खुश नहीं हैं. तभी शायद माँ ने अपनी चूत मुझे दिखाई थी.<br />
<span id="more-314"></span></p>
<p>दोस्तो नमस्कार, मेरा नाम पंकज है. मेरी उम्र 23 साल है और मैं जयपुर का रहने वाला हूं. आज मैं जो कहानी आप लोगों को बताने के लिए जा रहा हूं वो मेरी मां की कहानी है. मेरी मां का नाम सरिता है. उनकी उम्र 44 साल है. उनको देख कर कोई भी यह नहीं कर सकता है कि वो मेरी मां है. उनको देख कर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है. इसके दो कारण हैं. </p>
<p>पहला कारण यह कि मेरी मां की शादी छोटी उम्र में ही हो गई थी और इस वजह से उनको बच्चा भी जल्दी हो गया. दूसरा कारण यह कि मेरी मां ने अपने बदन को काफी मेंटेन करके रखा हुआ है. वो देखने में अपनी उम्र से दस साल कम ही लगती हैं. उनका साइज 32-30-36 है. रंग एकदम दूध के जैसा बिल्कुल सफेद है और घर में साड़ी पहनती हैं लेकिन जब चलती हैं तो उनकी साड़ी में उनकी गांड में फंस जाती है. आप इस बात को समझ ही सकते होंगे की मेरी मां की गांड कितनी शेप में होगी. </p>
<p>मेरी मां की जवानी की तारीफ मैं ही नहीं कर रहा बल्कि उनको देखने वाला हर आदमी दीवाना हो जाता है. मैंने कई बार देखा था कि घर पर चाहे कोई रिश्तेदार आये या फिर कोई और मर्द आये वो मेरी मां को देखता ही रह जाता था. सबकी नजर मेरी मां के बदन पर जाकर रुक जाती थी. हर मर्द मेरी मां के साथ सोने के सपने देखता था. यहां तक कि मेरे दोस्त भी मेरी मां के बदन को घूरते रहते थे.</p>
<p>मुझे पता था कि मेरे पापा मेरी मां को सेक्स में संतुष्ट नहीं कर पाते हैं.<br />
सेक्स की प्यास के बारे में कई बार मैंने अपने मां और पापा को बातें करते हुए अपने ही कानों से सुना हुआ था. वो बातें करते थे तो मां कहती थी कि मुझे अभी भी मजा नहीं आया. रात को अक्सर इस तरह की आवाजें मुझे उनके कमरे से सुनाई दिया करती थीं.</p>
<p>कई बार तो मेरी मां की प्यास अधूरी रह जाने के कारण वो चिड़चिड़ी हो जाया करती थी. इस वजह से मैंने मां और पापा को कई बार लड़ाई करते हुए भी देखा था.</p>
<p>मगर मां किसी को इस बारे में नहीं बताती थी क्योंकि वो घर की बात को घर में रखना चाह रही थी. जब उन दोनों के बीच का झगड़ा बहुत ज्यादा बढ़ जाता था तो मुझसे रहा नहीं जाता था.</p>
<p>एक दिन तो मैंने मां से पूछ भी लिया- आपको अगर पापा के साथ खुशी नहीं मिलती है तो मैं कुछ मदद करूं आपकी?<br />
लेकिन उस बात को सुन कर मेरी मां को इस बात पर गुस्सा आ गया कि मैं चुपके उन दोनों के बीच की बातें सुनता रहती हूं. उस दिन मां ने मुझे डांट भी दिया था लेकिन बाद में सब कुछ नॉर्मल होता चला गया.</p>
<p>उस दिन के बाद से मां मेरे साथ दोस्त की तरह रहने लगी थी. मां मुझसे कई बार अपनी ब्रा और पैंटी के सेट को दिखा कर पूछ लेती थी कि कौन सा रंग सही रहेगा और मैं मां की मदद भी कर दिया करता था. मगर मैं मन ही मन सोच रहा होता था कि जब वो खुश ही नहीं हो पाती तो यह सब अच्छे सेट पहनने का क्या फायदा है. ऐसे ही दिन गुजर रहे थे. </p>
<p>एक दिन की बात है जब मां ने मुझसे अपने साथ मार्केट में चलने के लिए कहा. मैंने उनके साथ जाने के लिए हां कर दी. मां को अपने लिये कुछ कपडे़ लेने थे.</p>
<p>हम बाजार में एक गार्मेंट शॉप में चले गये. वहां पर जाकर मेरी मां अपने लिये ब्रा और पेंटी का सेट देखने लगी. मुझे तो अंदर जाकर काफी शर्म आ रही थी लेकिन मैं मां के साथ ही रहना चाह रहा था इसलिए मेरे पास कोई चारा नहीं था.</p>
<p>अंदर जाकर देखा तो मैंने पाया कि वो दुकानदार भी मेरी मां के चूचों को ही घूर रहा था. वो शक्ल से देखने में भी हरामी लग रहा था. </p>
<p>मां ने एक सेट पसंद कर लिया और उसके बाद वो उसको ट्राई करने के लिए अंदर चली गई. मगर फिर अंदर आवाज आई और मां मुझे अपने पास बुलाने लगी.</p>
<p>मैंने जाकर देखा तो मेरी मां ब्रा और पैंटी पहने हुए खड़ी थी. उनके बदन को देख कर मेरी तो आंखें खुली की खुली रह गईं. उस दिन मैंने अपनी मां को पहली बार ऐसी हालत में देखा था. मां को देख कर मेरे मुंह में भी एक बार तो पानी सा आ गया और मेरा लंड भी खड़ा हो गया.</p>
<p>अपने बदन पर ब्रा को एडजस्ट करते हुए मां मुझसे पूछ रही थी कि कैसी लग रही है. कलर कैसा लग रहा है. लेकिन मैं तो मुंह फाड़ कर अपनी मां को ही देखता जा रहा था. उस दिन जब मैंने अपनी मां के दूध से श्वेत बदन को देखा तो मुझे पता चला कि क्यों सारे मर्द मेरी मां को इस तरह से हवस भरी नजरों के साथ घूरते रहते हैं. मेरी मां की जवानी देख कर मेरा लंड उछलने लगा लेकिन मां को अपनी गार्मेंट के ध्यान में मेरे लंड का तनाव दिखाई नहीं दिया.</p>
<p>बहुत देर तक मां को देखने के बाद उन्होंने मेरी तंद्रा को तोड़ कर कहते हुए फिर से पूछा- हरामी कहां पर खोया हुआ है. मैं तुझसे पूछ रही हूं कि ये सेट मेरे ऊपर कैसा लग रहा है?<br />
मां के दोबारा पुकारने पर मैं होश में आया और मैंने कहा- अच्छा लग रहा है. </p>
<p>मगर उसके बाद जो हुआ उसको देख कर तो मैं पसीना-पसीना हो गया.<br />
मां ने कहा- रुक अभी यहीं पर!<br />
यह कह कर मेरी मां ने ब्रा और पैंटी को उतारना शुरू कर दिया. देखते ही देखते मेरी मां का बदन मेरी आंखों के सामने नंगा हो गया.</p>
<p>मेरी मां की चूत देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया लेकिन साथ ही मुझे शर्म भी आ रही थी इसलिए मैंने मुंह को दूसरी तरफ कर लिया.</p>
<p>फिर जब मां ने दूसरा सेट पहना तो कहने लगी- इसको देख कर बता कि ये कैसा लग रहा है?<br />
मैंने देखा तो मां की चूत पर आये हुए बाल उनकी पैंटी से बाहर की तरफ झांक रहे थे. मैंने कहा- मां, यह कुछ ठीक नहीं लग रहा है. इसमें तो आपके नीचे के बाल भी वैसे के वैसे ही दिखाई दे रहे हैं. बालों के साथ में ये बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा.</p>
<p>फिर मैंने मां से कहा कि वह अपनी चूत के बालों की सफाई कर लिया करे.<br />
इस पर मां ने पूछ लिया- वो कैसे करते हैं?<br />
मैंने बताया- दो तरीके से हो सकती है. एक तो रेजर से करते हैं और दूसरा एक बाल हटाने के लिए क्रीम भी आती है.</p>
<p>मां बोली- मैं अपनी चूत पर रेजर नहीं लगा सकती. मुझे तो बहुत डर लगता है.<br />
फिर मैंने कहा- अगर रेजर से डर लग रहा है तो आप क्रीम से अपने बालों को हटा लिया करो.<br />
मां ने पूछा- वो कहां मिलेगी?<br />
मैंने बताया- यहीं पर मार्केट में ही मिल जाती है.</p>
<p>उसके बाद हम दोनों वो सेट ले कर वहां से आ गये. साथ में उस दिन मां ने वो बाल हटाने वाली क्रीम भी ले ली. </p>
<p>हम दोनों घर आ गये. घर पर उस वक्त मेरे और मां के अलावा कोई नहीं था. घर पर आते ही मां बाथरूम के अंदर चली गई. मेरे मन में मां की चूत देखने के बाद एक कौतूहल सा उठा हुआ था. दुकान में मां की चूत देख कर मेरा लंड मुझे चैन से बैठने नहीं दे रहा था.</p>
<p>मैंने बाथरूम की तरफ देखा तो दरवाजा अंदर से बंद किया हुआ था. लेकिन मैं मां को फिर से नंगी देखना चाह रहा था. फिर मैं दरवाजे के पास गया तो मुझे वहां पर एक छेद मिल गया. मैंने उस छेद पर आंख जमा दी और अंदर चल रहे नजारे को देखने की कोशिश करने लगा.</p>
<p>मैंने देखा कि अंदर जाने के बाद मां ने गाउन को ऊपर करके पैंटी उतार ली थी. उन्होंने गाउन को उठा कर ऊपर किया और अपनी चूत पर क्रीम लगाने लगी. क्रीम लगाने के बाद मां एकदम से चिल्लाने लगी. मां बोली- स्स्स् … मुझे जलन हो रही है. जल्दी कोई कुछ करो.</p>
<p>मैं तो वहीं पास में ही खडा़ हुआ था, मैंने मां से कहा- मां, आपने दरवाजा बंद किया हुआ है. मैं अंदर आकर आपकी मदद नहीं कर सकता.<br />
मेरे कहने पर मां ने दरवाजा खोल दिया.</p>
<p>मेरे मन में पहले से लड्डू फूट रहे थे. मैं झट से अंदर घुस गया. मुझे जो चाहिए था वो मुझे मिल रहा था.<br />
अन्दर जाते ही मां कहने लगी- इस क्रीम ने तो मेरी जान ही निकाल दी. मुझे बहुत तेज जलन हो रही है.</p>
<p>मैंने कहा- सब ठीक हो जायेगा. मुझे दिखाओ.<br />
मैंने देखा तो मां की चूत लाल हो चुकी थी. मैंने कहा- आपने सही तरीके से क्रीम का प्रयोग नहीं किया. ये क्रीम मुझे दो. मैं आपके बालों की सफाई करने में आपकी मदद कर देता हूं.</p>
<p>यह कह कर मैं मां को बाहर ले आया. </p>
<p>बाहर आने के बाद मैं अपनी शेविंग क्रीम ले आया. पहले मैंने मां के बालों को कैंची से छोटा किया. मां ने जो गाउन पहना था वो गीला हो गया था. मैंने मां से गाउन निकालने के लिए कह दिया. पहले तो मां ने मना कर दिया लेकिन फिर बाद में मां ने गाउन निकाल दिया.  </p>
<p>ध्यान से मैंने मां की चूत को देखा तो उनकी चूत से गीला सा पदार्थ निकल रहा था. मेरा मन तो कर रहा था कि चूत को अभी चोद दूं. लेकिन मैं रुका रहा.</p>
<p>चूत पर क्रीम लगाने के बाद मैंने कुछ देर इंतजार किया कि ताकि चूत के बाल नर्म हो जायें. उसके बाद मैंने रेजर लिया और धीरे से मां की चूत पर रेजर चलाने लगा. हल्के हाथ से मैं बालों को रेजर से हटाता गया और चूत से बाल साफ होते गये.</p>
<p>बीच में मैं मां की चूत में उंगली भी कर रहा था. मगर अभी मैं यह नहीं दिखा रहा था कि मैं उनकी चूत को चादने की फिराक में हूं. मैं बस बहाने से मां की चूत को उंगलियों से सहला रहा था.<br />
कुछ देर के बाद मेरी माँ की चूत बिल्कुल साफ हो गई. मैंने उनकी चूत को एक कपडे़ से पोंछ दिया. मैं जब चूत पर कपड़ा फेर रहा था तो मैंने मां के चेहरे को देखा. मुझे पता चल गया था कि मां को अपनी चूत के साथ इस तरह से छेड़खानी करवाने में मजा आ रहा है.</p>
<p>मैंने जानबूझ कर अपनी माँ की चूत को रगड़ना जारी रखा. मां की चूत धीरे-धीरे फूलती हुई सी मालूम पड़ी. उनकी चूत को को पोंछते हुए मेरे लंड का भी बुरा हाल हो रहा था. फिर जब मुझसे न रहा गया तो मैंने मां की चूत में उंगली करना शुरू कर दिया.<br />
मां ने भी इस हरकत का कोई विरोध नहीं किया. वो अब धीरे-धीरे सिसकारियां लेने लगी.</p>
<p>तभी पापा का फोन आ गया. मां ने बात की तो पापा ने कहा कि वो आज रात को घर नहीं आने वाले हैं.<br />
यह सुन कर मैंने मां के चेहरे की तरफ देखा तो वो मुस्करा रही थी.</p>
<p>मैं भी खुश हो गया. मैं तो पहले से अपनी मां की चूत की चुदाई करने की फिराक में था. उसके बाद हम दोनों ने जल्दी से घर का काम खत्म किया और शाम का खाना खाने के बाद फ्री हो गये.<br />
फिर रात को असली खेल शुरू होने से पहले मां ने कहा- चलो, पहले नहा लेते हैं.</p>
<p>मैं और मां दोनों बाथरूम में चले गये. अंदर जाते ही मां और मैं पूरे नंगे हो गये. मेरा लंड तन कर ऊपर आ गया था. मां ने मेरे लंड को हाथ में ले लिया. ऊपर से शावर का पानी गिर रहा था और नीचे से मां ने मेरे गर्म लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया था.</p>
<p>मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैंने मां के चूचों वहीं पर पीना शुरू कर दिया. उनके चूचों पर गिर रहा पानी मेरे मुंह में जा रहा था. अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था. मन कर रहा था कि मां की गीली चूत को अभी चोद दूं. लेकिन मां ने मना कर दिया. मां मेरे लंड को पकड़ कर सहलाती रही जैसे बहुत दिनों से उन्होंने लंड का स्पर्श मिला ही न हो.  </p>
<p>नहाने के बाद फिर हम दोनों बाहर आ गये. फिर एक घंटे के बाद मां मेरे कमरे में आ गयी. उन्होंने नाइट ड्रेस पहनी हुई थी जो कि उनके बदन पर बहुत ही सेक्सी लग रही थी. मेरे पास आते ही मैंने मां को अपनी बांहों में भर लिया और फिर दोनों ही एक दूसरे को चूसने लगे.</p>
<p>मेरा लंड खड़ा होते ही मां ने उसको मेरे पजामे के ऊपर से ही पकड़ लिया और मेरे लंड को अपने हाथ में भर कर मसलने लगी. अब मैंने भी मां की नाइट ड्रेस को निकलवा दिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा.</p>
<p>वो जल्दी से सेक्स के लिए बावली सी हो गयी, कहने लगी- बेटा, अब उंगली से काम नहीं चलेगा. अपनी माँ की चूत को लंड का मजा दे दे.<br />
मैंने मां को बेड पर गिरा लिया और उनकी टांगों को फैला कर अपना आठ इंच का लंड मां की चूत पर सेट कर दिया. मैंने धक्का लगाया तो मां की चीख निकल गयी- उम्म्ह … अहह … हय … ओह … मैं मर गयी … जान निकल गयी.</p>
<p>मैंने उनकी गांड को अपने हाथ से उठा लिया और माँ की चूत में और जोर से धक्के मारने लगा. साथ ही मैं उनकी गांड के दोनों पहाड़ मस्ती से मसल रहा था. वैसे तो चूत में धक्के मारते टाइम बूब्स ही मसलते हैं … किंतु मैं थोड़े अलग अंदाज में उनकी गांड मसल रहा था.</p>
<p>काफी देर की चुदाई के बाद मेरी माँ चरम पर आ गई थी. हम एक दूसरे को होंठों में किस करते हुए बस अपने जोश का मजा ले रहे थे. ऊम्म्म्म … आआह …</p>
<p>जब मेरी मान की चूत ने पानी छोड़ दिया तो मैंने अपना लंड निकाला और माँ की चूत का पानी मुँह से चाटना शुरू कर दिया.<br />
मां बोली- आह्ह … मैं तो बहुत दिनों से इस तरह की चुदाई के लिए प्यासी थी बेटा. तू तो बहुत ही मस्त चुदाई करता है. </p>
<p>मगर मुझे मां की गांड बहुत अच्छी लगती थी और मेरा मन मां की गांड मारने का कर रहा था. अभी मेरा वीर्यपात नहीं हुआ था. मैंने मां को ये इच्छा बताई तो वो कहने लगी- मैंने कभी गांड नहीं मरवाई है.<br />
लेकिन मेरे जोर देने पर फिर वो मान गई, बोली- अगर दर्द हुआ तो निकाल देना.</p>
<p>मैंने मन ही मन कहा- एक बार अंदर जायेगा तो फिर कौन निकालने वाला है.</p>
<p>मैंने मां की गांड को ऊपर करवा दिया और उनकी गांड पर हाथ लगा कर उसको दबाते हुए अपने लंड के टोपे को गांड पर सेट कर दिया. फिर एक धक्का मारा तो मां को जैसे बेहोशी सी आ गई. कई मिनट में मां संभली और मुझे पीछे धकेलने लगी लेकिन तब तक मैंने पूरा लंड गांड में घुसा दिया था. मैं मां के ऊपर लेट गया और उनके चूचे दबाने लगा. कुछ ही देर में मां शांत हो गई. फिर मैंने मां की गांड को चोदना शुरू कर दिया. </p>
<p>उनकी गांड बहुत ही ज्यादा टाइट थी. मेरे पापा ने तो कभी चूत भी ढंग से नहीं मारी थी तो फिर गांड तो बिल्कुल कुंवारी ही थी. मुझे गांड चोदने में बहुत मजा आ रहा था. 15 मिनट तक मैंने गांड की चुदाई की और फिर दोबारा से लंड को निकाल कर चूत में पेल दिया.<br />
मां बोली- आज ही जान निकाल देगा क्या हरामी. </p>
<p>मैंने मां की बात नहीं सुनी और अपनी ही मस्ती में लगा रहा. मां की चिकनी हो चुकी चूत को पांच मिनट तक जम कर चोदा और फिर मेरा माल मां की चूत में ही निकल गया. मैं बुरी तरह से हांफ रहा था और मां की हालत भी खराब हो गयी थी. मां को उस रात मैंने कई बार चोदा. उस दिन रात भर हम मां-बेटे की चुदाई चली. इस दौरान मां कई बार झड़ी और वो बिल्कुल खुश हो गई. </p>
<p>उसके बाद तो जब भी मुझे मौका मिलता रहा मैं माँ की चूत चुदाई का मजा लेता रहा. बाकी की कहानियां मैं फिर कभी लेकर आऊंगा.<br />
[email protected]</p>
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		<title>कामुक चचेरी बहन की पहली चुदाई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Sep 2025 06:42:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Family Sex Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Bhai Behan Ki Chudai]]></category>
		<category><![CDATA[College Girl]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Sexy Story]]></category>
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					<description><![CDATA[नमस्कार दोस्तो, यह कहानी मेरी पहली और सच्ची कहानी है चचेरी बहन की चुदाई की … अगर कोई गलती हो तो माफ़ करना। मेरा नाम है आनंद और मैं गाजीपुर (उ.प्र.) से हूँ, मेरी उम्र 21 साल है और मेरी हाइट 5 फीट 9 इंच है। मैं दिखने में थोड़ा स्मार्ट हूँ, ऐसा लोग कहते <a title="कामुक चचेरी बहन की पहली चुदाई" class="read-more" href="https://kahani18.com/family-sex-stories/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95-%e0%a4%9a%e0%a4%9a%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%81/" aria-label="Continue reading कामुक चचेरी बहन की पहली चुदाई">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>नमस्कार दोस्तो, यह कहानी मेरी पहली और सच्ची कहानी है चचेरी बहन की चुदाई की … अगर कोई गलती हो तो माफ़ करना।</p>



<p>मेरा नाम है आनंद और मैं गाजीपुर (उ.प्र.) से हूँ, मेरी उम्र 21 साल है और मेरी हाइट 5 फीट 9 इंच है। मैं दिखने में थोड़ा स्मार्ट हूँ, ऐसा लोग कहते हैं। मैं अभी दिल्ली में रहता हूँ जहाँ मैं जॉब कर रहा हूँ।</p>



<p>मैं अन्तर्वासना को पिछले 7 सालों से पढ़ रहा हूँ। यह कहानी पांच साल पहले जून महीने की है। जब मैं छुट्टी में घर गया था। क्या बताऊँ दोस्तो, मैं अपने चाचा की लड़की यानि मेरी छोटी बहन (प्रिया) से पूरे दो साल बाद मिला था। वो देखने में एकदम भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह जैसी लग रही थी। वो मुझ से डेढ़ साल छोटी है, उसका फिगर 34-32-36 था.</p>



<p>मेरे चाचा जी आर्मी में हैं और मेरी चाची गृहिणी हैं. उनके तीन लड़के और दो लड़कियां हैं. चाचा बहुत कम ही घर पर रहते हैं. चाची अकेली घर का सारा काम करती है. चाचा के न होने के कारण चाची ही खेत का काम भी करती थी.</p>



<p>उस दिन बाहर खेतों में काम अधिक था इसलिए शाम को आते ही वह खाना खाकर सोने छत पर चली गयी। छत पर सबका बिस्तर लगा हुआ था.</p>



<p>चाची के बगल में उनके तीन बच्चे सोये हुए थे. मेरा और चाचा के बड़े लड़के और प्रिया का बिस्तर दूसरी छत पर लगा हुआ था. मैं और मेरे चाचा का लड़का सो रहे थे.</p>



<p>कुछ देर बाद प्रिया सोने के लिए छत पर आयी और मैं और चाचा का लड़का एक साथ सोये थे. प्रिया चाचा के लड़के बगल में आकर सो गयी। मेरे सोने के कुछ समय बाद मुझे अहसास हुआ कि मेरा हाथ कहीं जा रहा है. कुछ समय तक मैं सोने का नाटक करता रहा।</p>



<p>मैं देखना चाहता था कि मेरा हाथ कौन टच कर रहा है. प्रिया ने मेरा हाथ अपनी चूची पर ले जाकर रख दिया. उसके बाद उसने कुछ समय तक कोई प्रतिक्रिया नहीं की क्योंकि भाई बीच में सोया था.</p>



<p>कुछ समय बाद वह अपनी चूची पर मेरा हाथ रख कर मसल रही थी. तभी भाई जग गया. भाई के जाग जाने के कारण अब हम दोनों में कोई भी हरकत नहीं करना चाह रहा था. प्रिया ने मेरा हाथ यूं का यूं रहने दिया. मुझे अब तक बहुत मजा आ रहा था लेकिन अब मेरी गांड भी फटने लगी थी कि कहीं भाई देख न ले और प्रिया को छेड़ने का सारा इल्जाम मेरे सिर पर आ जाये.</p>



<p>उसकी चूची पर से अब भी मेरा हाथ नहीं हटा था. फिर जब भाई दोबारा सो गया तो कुछ समय बाद मैंने उसकी कुर्ती के अन्दर हाथ डालकर चूची बहुत तेज दबा दी. इधर मेरा लन्ड खड़ा होने लगा. कुछ समय बाद मैंने उसकी पजामी में हाथ डालना चाहा लेकिन उसने डालने नहीं दिया. शायद भाई बीच में सोया था इसलिए वो मुझे ऐसा नहीं करने देना चाहती थी.</p>



<p>फिर मैंने कामुक बहन की पजामी के ऊपर से ही उसकी चूत में उंगली करना शुरू कर दिया.<br>कुछ समय बाद मुझे अपने हाथ पर पानी पानी सा लगा. उस समय तक वह झड़ चुकी थी. फिर वह उठ कर बैठ गयी. उसके बाद मैंने उस रात कुछ नहीं किया और हम सो गये।</p>



<p>अगले दिन हम दोपहर में टी.वी. देख रहे थे. उस समय घर पर छोटा भाई ही था और कोई नहीं था. तभी उसने मेरी जांघों पर हाथ चलाना शुरू कर दिया. मैं उसके हाथों को बार-बार हटा रहा था क्योंकि दिन का मामला था और कोई भी आ सकता था.</p>



<p>शाम हुई तो चाची खाना खाकर सोने गई. मैं टी.वी. देख रहा था. मैंने बोला- आप लोग सो जाओ. मैं टी.वी. देख कर सो जाऊंगा।</p>



<p>सभी लोग छत पर जाकर सोने लगे। कुछ समय बाद प्रिया छत से नीचे आयी और मेरे बगल में बैठ गयी. वह अपने हाथ कभी मेरे पैर पर तो कभी मेरे गाल पर चला रही थी। काफी देर तक वो ऐसे ही करती रही.</p>



<p>मुझ से नहीं रहा गया और लाईट ऑफ करके मैंने प्रिया को अपने गोद में बैठा लिया. उसकी चूचियों को खूब रगड़ा और किस करने लगा.</p>



<p>लगभग पांच मिनट तक यही खेल चलता रहा. उसके बाद ऊपर से कोई आवाज आई और हम दोनों एक दूसरे से अलग हो गये. मुझे भी प्रिया के साथ ये सब करने में बहुत मजा आ रहा था. मेरा लंड खड़ा हो गया था और मैं उसके हाथ में लंड देना चाह रहा था लेकिन उसी वक्त फिर वो उठ कर चली गई. ऊपर छत पर जाने के बाद वो सो गई.</p>



<p>अगले दिन प्रिया के तीनों भाई और बहन 9 बजे के करीब स्कूल चले गये. चाची किसी काम से बाजार गई थी.</p>



<p>उनके जाते ही मैंने दरवाजे को कुन्डी लगाई और अन्दर आकर देखा तो प्रिया खाना बना रही थी. मैंने पीछे से जाकर प्रिया को पकड़ लिया. उसकी कुर्ती के ऊपर से उसके चूचों के साथ खेलना शुरू कर दिया.<br>वो मुझे हटाने लगी लेकिन मैंने उसके चूचों को नहीं छोड़ा और उनको दबाता रहा. मेरा लंड खड़ा हो गया था और मैंने प्रिया की गांड पर अपना लंड लगा दिया था. फिर उसने भी कुछ नहीं कहा और मैं आराम से प्रिया के चूचों को दबाने लगा. वो भी अब गर्म होने लगी थी.</p>



<p>फिर मैंने उसकी कुर्ती को निकाल दिया. उसकी ब्रा को भी निकाल दिया. वो ऊपर से नंगी हो गई और मैं उसके चूचों को पीने लगा. किचन में नंगी प्रिया के चूचों के साथ खेलते हुए मुझे भी जोश आने लगा था. मैंने उसकी चूचियों को जोर से पकड़ कर दबा दिया. बीच-बीच में मैं उसके चूचों के निप्पलों को काट भी लेता था. उसके मुंह से चीख सी निकल जाती थी लेकिन उसको भी मजा आ रहा था.</p>



<p>मैंने प्रिया का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखवा दिया तो वो मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी.</p>



<p>फिर मैंने प्रिया की पजामी को नीचे करने की कोशिश की तो उसने मेरे हाथों को रोक लिया. मैंने थोड़ा जोर लगाया तो उसने अपने हाथ हटा लिये. मैंने प्रिया की पजामी को नीचे कर दिया और उसकी पैंटी मुझे मेरी नजरों के सामने दिखाई देने लगी. उसकी चूत उभरी हुई सी दिख रही थी.</p>



<p>मैंने प्रिया की चूत पर हाथ फेर दिया तो वो चिहुंक सी गई. उसकी चूत काफी गर्म हो चुकी थी. उसकी चूत पर हाथ लगाते ही मेरे लंड का जोश भी और ज्यादा बढ़ गया. मैंने अपनी पैंट की चेन को खोल कर अपने लंड को बाहर निकाल लिया. मैं अब प्रिया के होंठों को चूसने लगा और मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रखवा दिया.</p>



<p>वो मेरे लंड को पकड़ कर मेरे लंड के टोपे को आगे और पीछे करने लगी. मेरा लंड काफी देर से खड़ा हुआ था तो इस वजह से मेरे लंड को जब उसके हाथ का कोमल सा स्पर्श मिला तो मुझे बहुत मजा आने लगा.<br>मेरी कामुक बहन भी मेरे गर्म लंड को पकड़ कर मजे से उसके टोपे को आगे-पीछे करने में लगी हुई थी. उसको मेरे लंड का साइज पसंद आ गया था. वो उसको बार-बार हाथ में भर कर नाप रही थी. कभी मेरी गोलियों को छेड़ रही थी तो कभी मेरे लंड के सुपारे को मसल रही थी.</p>



<p>उसकी हरकतों से मेरे लंड के अंदर से भी कामरस निकलना शुरू हो गया था.</p>



<p>मैंने वहीं पर खड़े हुए ही उसकी चूत पर अपने लंड को सटा दिया. मेरा मन कर रहा था कि मैं वहीं पर उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दूं. मुझसे अब रुका नहीं जा रहा था. फिर मैंने अपना हाथ नीचे ले जाकर प्रिया की चूत पर फिराया और अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी.<br>प्रिया एकदम से उछल पड़ी.</p>



<p>मैंने उसके अपनी बांहों में उठा लिया. उसकी गांड को दबाने लगा और उसकी चूत मेरे लंड पर आकर सट गई. मैं अपनी गांड को आगे धकेल कर उसकी चूत पर लंड के धक्के देने लगा.<br>मुझे बहुत मजा आ रहा था ये सब करने में.</p>



<p>मेरा लंड प्रिया की चूत में घुसने ही वाला था कि तभी उसने मुझे अपने से अलग कर दिया, वो बोली- अंदर चलो कमरे में.<br>उसके कहने पर हम कमरे की तरफ जाने लगे. उसकी गांड पीछे से नंगी दिखाई दे रही थी. जब वो चल रही थी तो मैं उसकी गांड को पकड़ कर दबा रहा था. मेरा लंड बार-बार झटके दे रहा था.<br>मैंने प्रिया की गांड को कस कर दबा दिया तो वो उछल गई और उसकी पजामी उसकी टांगों में उलझ गई जिसके कारण वो एकदम से संतुलन खो बैठी और नीचे गिर पड़ी. मगर उसने अपने हाथ नीचे जमीन पर टिका लिये.<br>उसकी नंगी गांड मेरे सामने उठ कर आ गई. मैंने अपने लंड को उसकी गांड पर लगा दिया और मैं भी प्रिया के ऊपर ही झुक गया. पीछे से उसकी नंगी गांड पर लंड लगा कर मैं उसके चूचों को दबाने लगा. उसको चोदने का मन करने लगा.</p>



<p>लेकिन वो उठने की कोशिश कर रही थी. उसने मुझे पीछे धकेल दिया और फिर वो उठ गई.</p>



<p>हम दोनों उठ कर कमरे में चले गये. कमरे में जाते ही वो बेड पर लेट गयी. उसने अपनी पजामी निकाल दी. वो मेरे सामने अब पूरी नंगी हो चुकी थी. उसने अपनी टांगें खोल दी थी और मैं समझ गया कि वो भी लंड को अंदर लेने के लिए तैयार है.</p>



<p>मैंने अपनी पैंट को निकाल दिया और फिर अपने अंडरवियर को भी निकाल कर एक तरफ डाल दिया. वो बोली कि शर्ट भी निकाल दो. वो मुझे पूरा का पूरा नंगा देखना चाहती थी. मैंने भी उसके कहने पर अपनी शर्ट निकाल दी और मैं भी पूरा नंगा हो गया. वो मेरे नंगे शरीर को ऊपर से नीचे तक देख रही थी.</p>



<p>फिर मैं उसके ऊपर जाकर चढ़ गया. मैंने उसकी टांगों को फैला दिया और उसके चूचों को पीते हुए अपना लंड उसकी पानी छोड़ रही चूत पर रगड़ने लगा. उसके मुंह से सीत्कार निकलने लगे. आह्ह् … स्स्स … उम्म… मैं भी अपना लंड उसकी चूत पर लगा रहा था तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था.</p>



<p>कुछ देर तक उसके चूचों को पीने के बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर लगा दिया और एक जोर का धक्का लगा दिया.<br>मेरा लंड बहन की चूत में नहीं घुस पाया क्योंकि उसकी चूत बहुत टाइट थी. मेरा लंड उसकी चूत पर फिसल गया. फिर मैंने दोबारा से लंड को उसकी चूत पर लगाया और दोबारा से लंड का जोर उसकी चूत के मुंह पर देकर मारा तो लंड का सुपारा उसकी चूत में चला गया. मुझे मजा आ गया लेकिन प्रिया चिल्ला पड़ी. उसकी चूत खुल गई थी.</p>



<p>मैंने उसको शांत करने की कोशिश की लेकिन वो चुप नहीं हो रही थी और दर्द से कराह रही थी. फिर मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया. उसके बाद मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा तेल लगा लिया. उसकी चूत पर भी तेल लगा दिया. तेल लगाने के बाद मेरा लंड और उसकी चूत दोनों ही बिल्कुल चिकने हो गये थे.</p>



<p>मैंने अपने लंड से उसकी चूत की मालिश की और फिर उसका दर्द कम हो गया. मैंने दोबारा से अपने लंड के सुपारे को उसकी चूत पर लगा कर एक धक्का मारा. अबकी बार मेरा आधा लंड उसकी चूत में उतर गया.<br>वो फिर से दर्द से चिल्ला पड़ी ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’</p>



<p>लेकिन अबकी बार मैंने अपने लंड को बाहर नहीं निकाला. मेरे लंड को उसकी गर्म चूत में जाकर बहुत मजा आ रहा था इसलिए मैं उसकी चूत का मजा लेना चाहता था. मैंने उसकी आवाज को कम करने के लिए उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया. उसकी चूत में भी मैं साथ ही साथ दबाव बनाता गया और धीरे-धीरे करके मैंने पूरा का पूरा लंड प्रिया की चूत में उतार दिया.</p>



<p>फिर मैं कुछ देर तक रुका रहा. जब वो पूरी तरह से शांत हो गयी तो मैंने धीरे से प्रिया बहन की चूत में धक्के लगाने शुरू किये. उसको दर्द होने लगा. इसलिए मैं बहुत धीरे से उसकी चूत को खोल रहा था. मैंने उसकी टांगों को खोल कर देखा तो उसकी चूत से खून निकल रहा था. उसकी चूत फट गई थी. लेकिन मैंने उसको कुछ नहीं कहा.</p>



<p>वापस उसके ऊपर आकर मैं उसके चूचों को पीने लगा तो वो भी फिर मजा लेने लगी. अब मेरा लंड धीरे-धीरे उसकी चूत में अंदर बाहर होने लगा था. मैंने उसकी चूत में लंड को पूरा घुसा दिया. अब मैंने तेजी के साथ उसकी चूत में लंड को चलाना शुरू किया और उसकी चूत की चुदाई करने लगा.</p>



<p>वो भी अब मजे से मेरे लंड को लेने लगी. उसने अपनी टांगें मेरी कमर पर लपेट ली और मेरे होंठों को चूसने लगी.</p>



<p>मेरा जोश और ज्यादा तेज हो गया तो मैं और तेजी से उसकी चूत की चुदाई करने लगा. उसकी टाइट चूत को चोद कर मुझे बहुत ही आनंद मिल रहा था. वो भी मेरे लंड के मजे ले रही थी. पांच-सात मिनट तक उसकी चूत की चुदाई मैंने उसी तरह की और फिर मैंने उसको उठने के लिए कहा.</p>



<p>जब वो उठी तो उसने अपनी चूत से निकला हुआ खून देखा और डर गई.<br>मैंने कहा- घबराने की बात नहीं है. तुम्हारी चूत की झिल्ली फट गई है. इसलिए ये हल्का सा खून निकल आया है.</p>



<p>फिर मैंने उसको घोड़ी बना लिया. उसकी गांड बहुत मस्त थी. मेरा मन उसकी गांड की चुदाई करने का भी कर रहा था लेकिन अभी ये हमारा पहली बार था तो अभी मैं उसकी गांड में लंड डाल कर उसको डराना नहीं चाहता था.</p>



<p>वैसे तो उसने मुझे कई दिनों से परेशान कर रखा था लेकिन वो इस बात को नहीं जानती थी शायद कि चुदाई करवाने में दर्द भी झेलना पड़ता है. इसलिए मैं उसको और ज्यादा दर्द नहीं देना चाह रहा था.</p>



<p>मैंने फिर प्रिया को घोड़ी बना कर झुका लिया और पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दिया. अब उसकी चूत अंदर से भी पूरी की पूरी चिकनी हो चुकी थी. इसलिए जब मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड डाला तो मेरा लंड एकदम से अंदर चला गया.</p>



<p>एक तो लंड पर तेल लगा हुआ था और दूजा उसकी चूत ने अपना कामरस छोड़ना चालू कर दिया था. इधर मेरे लंड से चिकना पदार्थ निकल रहा था. मैंने उसकी चूत को में लंड को डाल कर एक धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया.<br>वो आह्हह … करके रह गयी.</p>



<p>फिर मैंने उसके चूचों को पकड़ लिया. अब पोजीशन ठीक थी तो मैंने उसकी चूत की चुदाई शुरू कर दी.<br>मैं पीछे से चूत में पूरा लंड घुसा कर उसको अंदर और बाहर कर रहा था. मेरे लंड के धक्के अब तेज हो गये थे. उसकी चूत के अंदर जब लंड जा रहा था तो पच्च-पच्च की आवाज हो रही थी.</p>



<p>मैंने उसकी चूत में अपने लंड की स्पीड बढ़ा दी. वो फिर दर्द से चीखने लगी लेकिन अबकी बार मैं नहीं रुका. मैंने दस मिनट तक इसी पोज में उसकी चुदाई की और फिर मेरे लंड का माल मैंने प्रिया की चूत में ही गिरा दिया.</p>



<p>हम दोनों नंगे थे और मैं उसके ऊपर ही लेट गया. कुछ देर तक मैं उसके ऊपर ही पड़ा रहा. कुछ मिनट के बाद मैं उठा. फिर वो भी उठ गयी.</p>



<p>सच में दोस्तो, अपनी कामुक चचेरी बहन की चूत की चुदाई करके मजा आ गया था मुझे. वैसे वो भी खुद ही मेरा लंड लेना चाहती थी. इसलिए मैंने मौके का पूरा फायदा उठाया.<br>मगर फिर उस दिन चाची के आने का टाइम हो गया था तो मैंने अपने कपड़े पहन लिये.</p>



<p>उसने भी अपने कपड़े पहन लिये. मैं कई दिनों तक चाची के घर में रहा लेकिन फिर हमको चुदाई का मौका नहीं मिल पाया.</p>



<p>उसके बाद फिर मेरी जॉब दिल्ली में लग गई थी तो मैं दिल्ली में आ गया था. उसके बाद मुझे कभी प्रिया की चूत को चोदने का मौका नहीं मिला. उसकी चूत की वो पहली चुदाई याद करके आज भी मेरा लंड खड़ा हो जाता है. मैं मुठ मार कर ही उसकी चूत के बारे में सोच कर अपना पानी निकाल लेता हूँ और अपने लंड को शांत कर लेता हूँ.</p>



<p>तो दोस्तो, आपको मेरी कामुक चचेरी बहन की चुदाई की ये कहानी कैसी लगी. इस बारे में कमेंट करके बताना मुझे. मैंने अपनी मेल आई-डी भी नीचे दी हुई है.<br>pragya236186@gmail.com</p>
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		<title>पहली बार भाई बहन की चुदाई होली में</title>
		<link>https://kahani18.com/family-sex-stories/pahli-bar-bhai-behan-ki-chudai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Aug 2025 07:29:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Family Sex Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Bhai Behan Ki Chudai]]></category>
		<category><![CDATA[Garam Kahani]]></category>
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					<description><![CDATA[मैं 3 साल पहले की आप बीती बता रही हूं जो मेरे साथ हुई थी. यह भाई बहन की चुदाई की कहानी है. मेरा नाम सीमा साहू है और मैं अन्तर्वासना की फ्री सेक्स कहानियां नियमित रूप से पढ़ती हूं. मेरी उम्र 23 साल है और जहां तक मेरे साइज़ की बात है वो 32-30-36 <a title="पहली बार भाई बहन की चुदाई होली में" class="read-more" href="https://kahani18.com/family-sex-stories/pahli-bar-bhai-behan-ki-chudai/" aria-label="Continue reading पहली बार भाई बहन की चुदाई होली में">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मैं 3 साल पहले की आप बीती बता रही हूं जो मेरे साथ हुई थी. यह भाई बहन की चुदाई की कहानी है.</p>
<p>मेरा नाम सीमा साहू है और मैं अन्तर्वासना की फ्री सेक्स कहानियां नियमित रूप से पढ़ती हूं. मेरी उम्र 23 साल है और जहां तक मेरे साइज़ की बात है वो 32-30-36 है. मेरा रंग बहुत गोरा है. अब मैं आपको अपने परिवार के बारे में बता देती हूं. मेरे घर में मेरी मम्मी, पापा, भाई और मैं ही हूं. मैं बी.कॉम के फाइनल इयर में पढ़ाई कर रही हूं.</p>
<p>हमारे घर में 2 कमरे हैं और एक बाथरूम है. साथ में ही रसोई बनी हुई है. एक कमरे में मेरे मां और पापा सोते हैं और दूसरे में मैं और भाई सोते हैं. मेरे भाई की उम्र 20 साल है. वो 12वीं कक्षा में है.<br />
बात मार्च महीने की है, होली आने वाली थी. हम लोग कॉलोनी में बहुत ही धूमधाम से होली मनाते हैं.</p>
<p>होली के एक दिन पहले की बात है. सभी लोग होलिका जला कर घर पर आकर हाथ मुंह धोकर सोने जा रहे थे. मम्मी-पापा अपने रूम में सोने चले गये थे और मैं भी हाथ मुंह धोने अपने बाथरूम में जा रही थी. बाथरूम का दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था.</p>
<p>मैंने जैसे ही दरवाजे को धक्का दिया दरवाजा खुल गया. अंदर मैंने देखा कि मेरा भाई अपने लंड को हाथ में लेकर सू-सू करने की पोज में खड़ा हुआ था लेकिन वो सू-सू करने की बजाय अपने लंड को आगे और पीछे की तरफ किये जा रहा था.</p>
<p>उसकी आंखें बंद थीं. वो तेजी से अपने लंड को अपने हाथ में लेकर हिला रहा था. उसको मेरे आने के बारे में पता नहीं लगा. </p>
<p>मैंने एक पल के लिए उस नजारे को देखा और वापस अपने कमरे में आ गई. मेरा दिल जोर से धड़क रहा था. मैंने पहली बार इस तरह से लंड को देखा था. इससे पहले मैंने कभी भी किसी मर्द के लंड को नहीं देखा था. इसलिए मेरी हालत खराब हो रही थी.</p>
<p>कुछ देर के बाद मेरा भाई बाथरूम से निकल कर बाहर आ गया और बिस्तर पर आकर सो गया. </p>
<p>उस दिन रात को मुझे नींद नहीं आई. मुझे बार-बार अपने भाई का लंड अपनी आंखों के सामने खड़ा हुआ दिखाई दे रहा था. मैंने इससे पहले कभी अपने भाई को उस नजर से नहीं देखा था लेकिन आज उसका लंड देखने के बाद मेरे मन में कुछ अलग ही फीलिंग आ रही थी. फिर भाई के लंड के बारे में ऐसे ही सोचते हुए मुझे नींद आ गई.</p>
<p>अगले दिन मैं अपने भाई के साथ गली में होली खेलने के लिए चली गई. मेरे साथ मेरी सहेलियों के बॉयफ्रेंड भी आये हुए थे. वो उनके साथ होली खेलने में लगे हुए थे. वो बहाने से उनके टॉप में हाथ डाल कर रंग लगा रहे थे. कई बार तो उन्होंने नीचे टांगों के बीच में भी उनको रंग लगा दिया था.</p>
<p>बहुत देर तक होली खेलने के बाद मैं अपने घर वापस आ गई. मुझे अब नहाने के लिए बाथरूम में जाना था. मैं बाथरूम में चली गई और अंदर जाकर नहाने लगी. उसके बाद मैं बिना कपड़े पहने हुए ही बाहर आ गई. मुझे नहीं पता था कि मेरा भाई भी रूम में आ चुका है.</p>
<p>जब मैं बाहर निकली तो मेरा भाई अपने बेड पर लेटा हुआ था. मैंने देखा कि वो मेरे नंगे बदन को ध्यान से देख रहा था.<br />
फिर जब उसने देखा कि मैं उसको देख रही हूं तो उसने अपनी आंखें बंद कर लीं और जैसे सोने का नाटक सा करने लगा. फिर मैंने एक तरफ जाकर अपने कपड़े पहन लिये. </p>
<p>रात को खाना खाने के बाद मुझे नींद भी जल्दी आ गई थी. मैं उस दिन होली खेलने के बाद काफी थकी हुई थी. फिर रात को करीब 12 बजे के करीब मुझे अपने पेट पर कुछ महसूस हो रहा था. मैंने आंख खोल कर देखा तो मेरे भाई का हाथ मेरे नंगे पेट पर फिर रहा था.</p>
<p>मैंने सोचा कि शायद सोते हुए मेरा टॉप ऊपर हो गया होगा. मैं वैसे ही लेटी रही और सोने का नाटक करती रही. मैंने भाई को ये अहसास नहीं होने दिया कि मैं नींद से जाग चुकी हूं और मैं उसकी हरकत को महसूस कर रही हूं. </p>
<p>अपने भाई के हाथ को हटाये बिना ही मैं ऐसे ही लेटी रही. मुझे भी कुछ अच्छा लग रहा था. फिर धीरे-धीरे मेरा भाई मेरे टॉप को अपने हाथ से और ऊपर करने लगा. मैंने नीचे से ब्रा भी नहीं पहनी हुई थी. मेरी आदत थी कि मैं रात को सोते वक्त ब्रा पहन कर नहीं सोती थी. टॉप ऊपर होते ही मेरी चूचियां नंगी हो गईं. अब मेरे अंदर भी सेक्स उठने लगा था. मेरे भाई का हाथ मेरे चूचों पर आकर उनको दबाने लगा था. मुझे अब हल्का हल्का मजा सा आने लगा था. </p>
<p>वो मेरे चूचों को दबाते हुए मेरे निप्पल भी छेड़ रहा था. अब मैं गर्म होने लगी थी. अब मेरे भाई की हिम्मत बढ़ने लगी थी. कुछ देर तक मेरे निप्पलों को छेड़ने के बाद मेरे भाई ने मेरी लोअर में हाथ डाल दिया. वो मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को सहलाने लगा.</p>
<p>अब मैं गर्म हो गई और मेरे मुंह से हल्की सी आह्ह निकल गई. भाई ने देखा कि मैं जाग चुकी हूं तो अपने हाथ को हटाने लगा लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और अपनी चूत पर रखवा लिया.</p>
<p>अब उसको कोई डर नहीं था. वो भी समझ गया कि मुझे भी उसकी हरकतों में मजा आ रहा है. वो अपनी बहन की चूत को अब जोर से सहलाने लगा. उसके बाद मुझसे भी रहा नहीं गया. मैंने अपने भाई के लंड को अपने हाथ से टटोलते हुए उसके लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया.</p>
<p>उसका लंड पूरा खड़ा हुआ था. मैंने उसके लंड को पकड़ कर दबा कर देखा. मैंने पहली बार किसी मर्द का लंड अपने हाथ में पकड़ा था. मुझे बहुत मजा आया. मेरा कोई ब्वॉयफ्रेंड भी नहीं था इसलिए मेरे अंदर लंड को लेकर काफी जिज्ञासा हो रही थी. </p>
<p>मैं अपने भाई का लंड अपने हाथ में लेकर उसकी लोअर के ऊपर से ही सहला रही थी. इसी बीच में मेरे भाई ने मेरी लोअर को निकाल कर उसको नीचे कर दिया. अब मैं नीचे से भी नंगी हो रही थी. मेरी चूत पर केवल मेरी पैंटी रह गई थी. मेरी चूत से पानी सा छूटना शुरू हो चुका था. फिर मेरे भाई ने मेरी पैंटी को भी निकाल दिया. उसके बाद उसने मेरी पैंटी को खींच कर मेरी टांगों को भी पूरी नंगी कर दिया.</p>
<p>मैं अपने भाई के सामने पूरी की पूरी नंगी लेटी हुई थी और उसके लंड को अपने हाथ में पकड़ कर जोर से सहलाते हुए मजा ले रही थी.</p>
<p>मेरी पैंटी को निकालने के बाद मेरे भाई ने मेरी चूत को अपने हाथ रगड़ना शुरू कर दिया. मैंने अपने भाई की लोअर में हाथ डाल दिया. वो भी समझ गया कि मैं उसके लंड को बाहर निकाल कर हाथ में लेना चाह रही हूं. उसने अपनी लोअर को नीचे कर दिया और उसके अंडरवियर को भी सरका दिया.</p>
<p>मेरे भाई का लंड पूरा का पूरा तना हुआ था. मैंने उसके गर्म लंड को अपने हाथ में भर लिया. उसके बाद वो मेरी चूत को सहलाने लगा और मैं उसके लंड को पकड़ कर सहलाने लगी. अब मेरे मुंह से कामुक सिसकारियां भी निकलने लगी थीं.</p>
<p>मेरे भाई का लंड बहुत ही मोटा और लंबा था. उसने मेरे मुंह में अपना हथियार डाल दिया. मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी. मैंने लंड का स्वाद पहली बार लिया था. मुझे वो अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन कुछ देर के बाद मुझे फिर लंड को चूसने में भी मजा सा आने लगा.</p>
<p>मेरे भाई ने मेरी चूत में उंगली करना शुरू कर दिया. वो मेरी चूत में उंगली कर रहा था. उसका लंड मेरे मुंह में था. उसका लंड मेरे गले तक जा रहा था. फिर मेरा दम घुटने लगा तो मैं उसको अपने ऊपर से हटाने लगी. उसके बाद वो सीधा हो गया. उसने मेरी चूत से उंगली निकाल ली. </p>
<p>फिर वो मेरी चूत को चाटने लगा. बहन की चूत पर जब भाई की गर्म जीभ लगी तो मुझे बहुत मजा आया. अब मैं समझने लगी थी कि मेरी सहेलियों ने अपने ब्वॉयफ्रेंड क्यों बना रखे थे. वो भी अपनी चूत को उनकी जीभ से शांत करवाती होंगी.</p>
<p>उसके बाद कुछ देर तक मेरे भाई ने मेरी चूत को चाटा और फिर उसने मेरी टांगों को फैला दिया. मैं उसकी हर एक हरकत को देख रही थी.</p>
<p>उसने मेरी चूत पर लंड को रख दिया और फिर मेरी चूत पर लंड को रख कर उसको मेरी चूत पर रगड़ने लगा. पहली बार मैंने अपनी गर्म चूत पर किसी मर्द के लंड के स्पर्श को महसूस किया था. चूत से लंड छुआ तो मेरे बदन में जैसे आग लग गई. मैं बिस्तर पर लेटी हुई तड़पने लगी.</p>
<p>मेरा भाई अपने लंड के शिश्न को मेरी चूत के मुंह पर रगड़ रहा था. मेरी चूत बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी. अब मेरा खुद ही मन कर रहा था कि वो अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दे. अब मेरे भाई से भी नहीं रहा जा रहा था. उसने मेरी चूत पर थूक दिया. फिर उसने अपने लंड को मेरी चूत के ऊपर सेट कर दिया और धक्का देने लगा तो मेरी चीख निकल गई ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’<br />
लेकिन साथ ही उसने मेरे मुंह पर हाथ रख दिया.</p>
<p>मेरी आंखों से आंसू निकल आये. उसके लंड ने मेरी चूत में बहुत दर्द कर दिया था. बगल वाले कमरे में ही माँ और पापा सो रहे थे. इसलिए मैं चीख भी नहीं सकती थी. फिर कुछ देर तक वो मेरे ऊपर ऐसे ही लेटा रहा. उसके बाद उसने धीरे से मेरी चूत में लंड को हिलाया तो मुझे फिर से दर्द हुआ.</p>
<p>मैंने गर्दन उठा कर देखा तो मेरी चूत से खून निकल आये थे. अपनी चूत से निकले हुए खून को देख कर मैं डर गई. फिर भाई ने बताया कि घबराओ नहीं तुम्हारी चूत की सील टूट गई है. फिर वो मेरे चूचों को दोबारा से पीने लगा.</p>
<p>मैं आराम से नीचे लेट गई. दो या तीन मिनट तक वो मेरे चूचों को पीता रहा और उसके बाद उसने मेरी चूत में लंड को चलाना शुरू किया.</p>
<p>अब मुझे थोड़ा अच्छा लगने लगा. फिर वो अपनी गति को तेज करने लगा. उसका मोटा लंड मेरी चूत में फंस गया था लेकिन पहली बार चूत में लंड को लेकर मुझे बहुत मजा आ रहा था. </p>
<p>उसके बाद उसने मेरी चूत में तेजी के साथ धक्के लगाने शुरू कर दिये. अब मुझे काफी मजा आने लगा और मैं अपने भाई के लंड से अपनी चूत की चुदाई का मजा लेते हुए चुदने लगी.</p>
<p>कुछ देर के बाद मैंने अपनी चूत में अपने भाई के लंड को और अंदर लेने के लिए अपनी टांगों को उसकी कमर पर लपेट लिया. भाई का लंड मेरी चूत की गहराई में पूरा जाने लगा. अब मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा. मेरी चूत में उसके लंड से ठोकर लग रही थी तो ऐसा लग रहा था कि मैं चूत में लंड को लेकर चुदती ही रहूं.</p>
<p>आज मुझे पता चल रहा था कि मेरी सभी सहेलियां अपने यारों के साथ चुदाई करके इतनी खुश कैसे रहती हैं. लंड जब चूत में जाता है तो बहुत मजा देता है. इस बात का पता आज मुझे लग गया था. मेरा भाई मेरी चूत की चुदाई तीस मिनट तक करता रहा. उसके लंड ने मेरी चूत को फैला कर रख दिया. </p>
<p>उसके बाद मुझे ऐसा लगा जैसे मैं मर ही जाऊंगी. मैंने अपने भाई को अपनी बांहों में कस कर पकड़ लिया और मेरा पूरा बदन अकड़ने लगा. मेरी चूत से एक दरिया सा छलक उठा और मैं धीरे-धीरे शांत होने लगी.</p>
<p>उसके बाद भाई की स्पीड के कारण मेरी चूत से पच-पच आवाज होने लगी. उसकी गति पहले से भी और ज्यादा तेज होती जा रही थी. अब मेरी चूत में दर्द होने लगा था. मैंने उसको हटाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं रुक रहा था.</p>
<p>फिर दो मिनट के बाद उसकी गति धीमी पड़ने लगी. मेरे भाई ने मेरी चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया. पूरा वीर्य मेरी चूत में गिराने के बाद वो भी शांत हो गया. </p>
<p>उस रात को भाई ने दो बार मेरी चूत की चुदाई की. भाई का मोटा लंड चूत में लेकर चुदने के कारण सुबह मुझसे चला भी नहीं जा रहा था. मैं बड़ी मुश्किल से चल फिर पा रही थी. उस दिन के बाद से भाई ने मेरी चूत की चुदाई शुरू कर दी.</p>
<p>जब तक मेरी शादी नहीं हो गई मेरा भाई मेरी चूत को चोदता रहा. </p>
<p>अपने भाई से चूत की पहली चुदाई कराने के बाद मुझे भी लंड लेने का चस्का लग गया था. उसके बाद मैंने अपनी चूत में किस किस के लंड लिये और शादी से पहले मैं और किन लंडों से चुदी वो सब मैं आपको अपनी अगली कहानियों के माध्यम से बताऊंगी. आपको मेरी यह भाई बहन की चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके बताना.<br />
आपकी सीमा साहू<br />
[email protected]</p>
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			</item>
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		<title>मामा की लड़की के साथ सुहागरात</title>
		<link>https://kahani18.com/family-sex-stories/mama-ki-ladki-suhagrat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Aug 2025 07:21:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Family Sex Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Best Sex Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Garam Kahani]]></category>
		<category><![CDATA[Nangi Ladki]]></category>
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					<description><![CDATA[मेरा नाम नमन है मेरी उम्र अभी 22 साल है और मैं अपने माता-पिता व बड़ी बहन के साथ पटेल नगर दिल्ली में रहता हूँ। ये मेरी पहली कहानी है जिसमे मैंने अपने मामा की बेटी की चुदाई की थी। चलिए अब मैं आपको सेक्स से भरपूर कहानी सुनाता हूँ। मेरे मामा एक बैंक में <a title="मामा की लड़की के साथ सुहागरात" class="read-more" href="https://kahani18.com/family-sex-stories/mama-ki-ladki-suhagrat/" aria-label="Continue reading मामा की लड़की के साथ सुहागरात">पूरी कहानी पढ़ें</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मेरा नाम नमन है मेरी उम्र अभी 22 साल है और मैं अपने माता-पिता व बड़ी बहन के साथ पटेल नगर दिल्ली में रहता हूँ। ये मेरी पहली कहानी है जिसमे मैंने अपने मामा की बेटी की चुदाई की थी। चलिए अब मैं आपको सेक्स से भरपूर कहानी सुनाता हूँ।</p>
<p>मेरे मामा एक बैंक में जॉब करते हैं और नोएडा में रहते हैं। मामी हाउस वाइफ है, उनके साथ उनकी बेटी, जिसका नाम मृणालिनी है, रहती है जो अभी कुछ दिन पहले ही 18 साल की हो गई। उसका रंग गोरा है और शरीर पतला है। मेरे मामा का एक बेटा भी है जो फिलहाल लंदन में अपनी पढ़ाई कर रहा है।</p>
<p>जो घटना मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ ये अभी 15 दिन पहले की ही घटना है। जब मामी ने मुझे नोएडा बुलाया क्योंकि उन्हें 2 दिन के लिए किसी काम से अपने मायके जाना था। जब भी वो कहीं जाती हैं तो मुझे मृणालिनी के पास रहना पड़ता है।</p>
<p>मैं मामा के घर पहुंचा तो मामी मुझे घर के दरवाजे पे ही मिल गई। उन्होंने मुझे बताया कि मृणालिनी नहा रही है तुम बैठो, वो आकर चाय बना देगी।<br />
इतना बोल के मामी चली गई।</p>
<p>मैं अंदर जाकर बाहर वाले कमरे में बैड पर लेट गया। अभी 5 मिनट ही हुए थे कि अंदर वाले कमरे में मुझे मृणालिनी दिखाई दी जो कि सिर्फ एक तौलिया लपेटे थी। मेरे कमरे की लाइट बंद थी पर उसके कमरे में लाइट जल रही थी। उसके बाद जो हुआ, वो मेरी कल्पना से भी परे था।</p>
<p>मृणालिनी ने अचानक से अपने कमसिन बदन से तौलिया हटा दिया. अपनी बहन को पूरी नंगी देखकर मेरी आँखें फटी की फटी रह गई क्योंकि मैंने जीवन में कभी किसी लड़की को ऐसे नग्न हालत में नहीं देखा था।</p>
<p>उसकी लंबाई 5 फिट 6 इंच की है। उसकी फिगर सही तो नहीं बता सकता पर पर उसकी चूचियाँ 32″ की व पेट से वो बहुत पतली सी है. और हाँ उसकी गांड बड़ी जानदार लग रही थी जो लगभग 34 या 36 की होगी।</p>
<p>वो इस बात से अनजान थी कि कोई उसे बिना कपड़ों के देख रहा है। वहीं से मुझे दिखा कि उसकी चूत बड़ी खूबसूरत लग रही थी। देखकर ही पता चल रहा था कि वो अभी उसके बाल साफ करके आई है। मेरा लंड उसकी चूची, गांड व चूत को देखकर बेकाबू हो रहा था। वो शायद अपनी ब्रा व अंडरवियर ढूंढ रही थी।</p>
<p>अभी 2 से 3 मिनट ही हुए थे कि उसे कुछ शक हुआ जैसे घर पे कोई है। मेरे बारे में उसे नहीं पता था। उसने जल्दबाजी में तौलिया लपेटा और उस कमरे में आ गई जिसमें मैं लेटा था।<br />
जैसे ही उसने लाइट का स्विच ऑन किया, वो हैरानी से मुझे देखकर बोली- भैया आप कब आये? और अंदर कैसे आये?<br />
मैंने उसे बताया- जब मामी जी यहीं थी, तब आ गया था। </p>
<p>उसके बाद उसने दूसरा सवाल पूछा- आपने कुछ देखा तो नहीं?<br />
मैंने अनजान बनते हुए पूछा- कुछ मतलब?<br />
वो घबराती हुई बोली- मैं अंदर कमरे में थी बिना कपड़ों के?<br />
मैंने कहा- हां, वो तो सब देखा मैंने … पर मैं करता भी क्या … क्योंकि एक अप्सरा मेरे सामने इस अवस्था में थी तो चाहकर भी आँखें नहीं हटा सका।</p>
<p>ये सब सुनकर वो घबरा के वहीं सोफे पे बैठ गई। उसके चेहरे को देखकर ही पता चल रहा था कि उसके हृदय की धड़कनें उसके काबू में नहीं थी।<br />
कुछ देर चुपचाप बैठी रही.<br />
तब मैंने पूछा- क्या हुआ?<br />
तो मेरी बहन बोली- ये सब नहीं होना चाहिए था।<br />
तब मैंने कहा- इसमें ना तुम्हारी गलती ना मेरी। फिर इसमें डरने वाली कौन सी बात है?</p>
<p>फिर पता नहीं उसके दिमाग में क्या आया, उसने अपने दोनों पैर उठाके सामने वाली मेज पर रख दिये। वो ठीक मेरे सामने थी जिसके कारण मुझे उसकी चूत साफ-2 दिखाई दे रही थी।<br />
मैंने उसे कहा- ये क्या कर रही है?<br />
हमारे बीच पहले कभी ऐसी कोई बातचीत भी नहीं हुई थी. इसलिए मैं संभलने की कोशिश कर रहा था।</p>
<p>वो बोली- आपने सब कुछ देख ही लिया फिर छुपाने का क्या फायदा? आप जी भर के देखो।</p>
<p>उसकी गोरी-2 व नंगी जांघ देखकर साथ में चूत देखकर मेरा लंड दुबारा से हरकत में आ गया। मेरी बेचैनी बढ़ने लगी थी, मेरा हाथ अपने आप उसे सहलाने लगा।<br />
ये सब देखकर वो बोली- आप क्या करने लगे?<br />
मैं बोला- जिसके सामने एक अप्सरा आधी नंगी बैठी हो वो कैसे अपने होश संभाले?<br />
तब उसने कहा- ये अप्सरा तो अब पूरी नंगी भी हो सकती है क्योंकि आपने सब देख ही लिया। लेकिन पहले मुझे आपका वो देखना है जिसे आप हाथ से सहला रहे हो।</p>
<p>मुझे और क्या चाहिए था … जल्दी से मैंने अपनी पैंट उतारी, फिर अंडरवियर उतारकर अपना लंड उसके सामने कर दिया। वो उसे देखकर हैरानी से बोली- ये इतना बड़ा होता है क्या?<br />
मैंने कहा- हां, ये इतना ही बड़ा होता है।<br />
वो बोली- क्या मैं इसे छू सकती हूं?</p>
<p>मैंने जैसे ही हां कहा, वो सोफे से खड़ी हो गई वो तौलिया पूरा निकालकर मेरे पास आकर अपने दोनों हाथों से मेरा औजार पकड़ लिया।<br />
मदहोशी में मेरी आँखें बंद हो गई।</p>
<p>तभी मेरे नाक में एक अजीब सी खुशबू महसूस हुई जो मेरी बहन के नंगे जिस्म की ही महक थी। मृणालिनी मेरे लंड को सहला रही थी. मैंने भी अपना हाथ उसकी कमर पे रखा, फिर धीरे-2 उसे नीचे लाते हुए उसकी गांड पे हाथ फिराया तो ऐसा लगा जैसे मक्खन पे हाथ चल रहा हो।</p>
<p>उसके बाद मैं अपनी जीभ उसकी नंगी जांघ पे फिराने लगा.<br />
वो बोली- भैया रहने दो ना प्लीज़।<br />
मैं कहाँ रुकने वाला था, आगे बढ़ते हुए मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के दाने पे लगा दी।</p>
<p>इतना कुछ वो बर्दाश्त नहीं कर पाई और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी। जबकि उसने पहले ऐसा कभी नहीं किया था। वो पास में खड़ी होकर मेरा लंड चूस रही थी जबकि मैं लेटे-2 उसकी चूत को चाट रहा था।</p>
<p>काफी देर तक हम दोनों इसी हालत में एक दूसरे के साथ मजे लेते रहे. तभी मुझे लगा कि मेरी पिचकारी छूटने वाली है तो मैंने उसे बताया पर वो तो ना जाने किस दुनिया में थी।</p>
<p>तभी मेरे लन्ड से लावा फूट पड़ा। कुछ तो उसके मुँह में ही चला गया. फिर उसने जैसे ही अपना मुँह हटाया तो मेरे वीर्य से उसका सारा चेहरा गन्दा हो गया।<br />
वो अजीब से मुँह बनाती हुई बोली- भैया ये क्या है?<br />
मैंने उसे बताया- ये वीर्य है.<br />
तो बोली- आपने पहले क्यों नहीं बताया?<br />
मैंने उसे कहा- बताया था पर तुमने सुना नहीं।</p>
<p>वो बोली- ठीक है, अब आपको मेरा पानी पीना पड़ेगा।<br />
मैंने कहा- नहीं, आज तक मैंने भी नहीं पीया, आज रहने दो, बाद में देखेंगे। </p>
<p>पहले वो अपना चेहरा धो के आई। जब वो बिल्कुल नंगी बाहर जा रही थी तो उनकी गांड देखकर मेरा लन्ड दुबारा से मस्ती में आने लगा।</p>
<p>अब वो वापिस आकर मेरे लंड के ऊपर बैठ गई और अपनी जीभ मेरे मुँह में दे दी। यह हम दोनों के ही जीवन का पहला चुम्बन था। मैं उसकी तो वो मेरी जीभ को चूसने लगी।</p>
<p>थोड़ी देर किस करने के बाद मैं उसकी चूचियों पे जीभ फिराने लगा।</p>
<p>बारी-2 से दोनों चूचियों को चाटने के बाद वो उठी और घूम कर दुबारा से मेरे लन्ड को मुँह में ले लिया. अब उसकी गोरी, मोटी गांड व बिना बालों की चूत मेरे मुँह से बस थोड़ी दूर थी. तो मैंने भी लपक कर उसकी चूत को पूरा मुँह में ले लिया।</p>
<p>लगभग 10 मिनट तक दोनों इसी हालत में रहे तो मैंने कहा- इस बार पूरा रस मुँह में ही लेना. मैं भी तुम्हारा रस मुँह में ही ले लूंगा।<br />
वो पहले तो मना करती रही फिर मान गई।</p>
<p>कुछ ही देर में मुझे झटके लगने लगे व उसकी चूत से भी कुछ बहने लगा. दोनों ने एक दूसरे का पानी पिया और अलग हो गये।<br />
मैंने उसे कहा- कोई आ सकता है इसलिए बाकी काम रात में करेंगे।<br />
तो वो मान गई और हम दोनों ने अपना मुँह धोकर कपड़े पहन लिए।</p>
<p>दिन में जब वो किचन में खाना बना रही थी तो मैंने उसके गांड पे अपना लंड लगा दिया.<br />
वो बोली- भैया रहने दो ना, रात में जो मर्जी कर लेना पर अभी काम करने दो।<br />
मैंने एक लिप किस किया और जाकर टीवी देखने लगा।</p>
<p>रात में उसने खाना बनाया और दोनों ने एक साथ बैठकर खाना खाया।</p>
<p>उसके बाद दोनों एक ही बैड पे लेट गये. सर्दियां शुरू हो गई थी इसलिए दोनों ने एक कम्बल ले लिया। लेकिन अचानक से वो उठ कर दूसरे रूम में चली गई. वहां से जब वो वापिस आई तो उसने एक सेक्सी सा लाल रंग का गाउन पहना हुआ था।<br />
मेरी ममेरी बहन मेरे पास लेट गई तो मैंने कहा- आज तो हमारी सुहागरात है.<br />
तो उसने शर्मा के अपना चेहरा अपने हाथों में छिपा लिया।</p>
<p>मैंने उसका गाउन उतारा तो देखा कि उसने काले रंग की जालीदार ब्रा व पैंटी पहनी हुई थी जिसमें वो बहुत सेक्सी व हॉट लग रही थी।</p>
<p>उसके बाद उसने मेरे कपड़े खुद ही उतार दिए. मैंने नीचे अंडरवियर नहीं पहना था जिसकी वजह से पैंट निकलते ही मैं पूरा नंगा हो गया।</p>
<p>उसने मेरे लंड को सीधा अपने मुँह में ले लिया उसके गुलाबी होठों ने मुझे मदहोश ही कर दिया। मैंने उसकी ब्रा व पैंटी निकालकर फेंक दी और उसे कहा- मेरे ऊपर आओ.<br />
तो हम दोनों 69 में आ गए.</p>
<p>उसकी चूत से एक अजीब सी महक आ रही थी जो मुझे और भी पागल कर रही थी। काफी देर तक इसी हालत में रहने के बाद मृणालिनी को उठने को कहा और उसे अपने लन्ड पर बैठने को कहा। वो मेरे पेट पर लेट गई। मेरा लन्ड उसकी चूत को छू कर मस्ती से झूम रहा था। उसने अपने होंठ मेरे होंठों पे रख दिये और हम दोनों एक दूसरे को होठों को व जीभ को चूसने लगे।</p>
<p>4 से 5 मिनट के बाद मैंने उसे उठाया और कहा- नीचे आओ, आज तुम्हारी नन्ही सी चूत का उदघाटन करूँगा।<br />
मेरी बहन नीचे बिस्तर पर लेट गई। मृणालिनी डरी हुई थी, बोल रही थी- भाई, मैंने सुना है कि जब पहली बार चुदाई होती है तो बहुत दर्द होता है.<br />
तो मैंने उसे दिलासा दी- मैं आराम से करूँगा, तू जाकर कोई क्रीम ले आ।</p>
<p>उसके बाद मृणालिनी ने बहुत सारी क्रीम मेरे लन्ड पे लगाई मैंने उसकी चूत पे लगाई। उसे लिटाकर मैं ऊपर आ गया और मृणालिनी को कहा- दर्द होगा पर बर्दाश्त कर लेना, प्लीज़ चिल्लाना मत।<br />
अब मैंने उसकी एक टांग उठा के अपना लन्ड उसकी चूत पे सेट किया। पहला धक्का मारा तो वो अंदर नहीं गया साइड में फिसल गया। कई बार की कोशिश के बाद आखिर में लौड़े का आगे वाला भाग अंदर चला गया पर मृणालिनी दर्द से बिलबिला उठी।</p>
<p>मैं रुक गया क्योंकि वो बहुत नाजुक सी लड़की है। कुछ आराम मिला तो एक धक्का और मारा तो मेरा आधा लन्ड उसकी चूत को चीरता हुई अंदर समा गया पर इस झटके को बर्दाश्त नहीं कर सकी और चिल्ला कर रोने लगी।<br />
फिर वो बोली- उम्म्ह … अहह … हय … ओह … भैया, प्लीज़ बाहर निकाल लो, बहुत दर्द हो रहा है, बाकी कल कर लेना।</p>
<p>मैं रुक गया और उसकी चूचियों को बारी बारी से मुँह में लेकर चूसने लगा। जिसमें ध्यान बटने के कारण उसका दर्द कुछ कम हुआ। अब मैंने एक आखिरी धक्का मारा तो मेरा पूरा लन्ड उसकी छोटी से चूत में समा गया. पर वो तो जैसे बेहोश सी हो गई। जिसके बाद मैं डर गया।</p>
<p>पर जल्दी ही वो होश में आ गई और मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से हटाने लगी। मैं कहाँ मानने वाला था, मैं कभी उसके होंठ चूसता कभी उसकी छोटी-छोटी चूचियाँ चूसता।<br />
लगभग 5 मिनट के बाद मुझे लगा कि वो अपनी गांड हिला रही है. मैं समझ गया कि अब मृणालिनी को दर्द नहीं हो रहा।</p>
<p>मैंने धीरे-2 धक्के मारने शुरू किए तो वो भी मेरे साथ मस्ती में झूमने लगी। काफी देर तक चुदाई करने के बाद जब मुझे लगा कि छूटने वाला है तो उसकी चूत से निकालकर उसकी मुँह में दे दिया. तभी मेरा पानी छूट गया जिसे उसने पूरा पी लिया।<br />
अब उसकी बारी थी वो भी उठकर मेरे मुँह के ऊपर बैठ गई। मैं उसकी भावनाओं को समझ गया औऱ उसकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी इतने में ही वो भी अकड़कर ढीली हो गई।</p>
<p>उस रात हमने अपनी सुहागरात में 3 बार चुदाई की। एक बार तो मैं मृणालिनी की गांड में लन्ड देना चाहता था पर वो नहीं मानी बोली- भाई आज चूत का दर्द झेल लूं, अगली बार गांड का ही उदघाटन करवा लूंगी आप से ही।</p>
<p>उसके बाद हम दोनों सो गये।</p>
<p>अगले दिन फिर से दिन में यही चुदाई का खेल खेला जिसके बारे में अगली कहानी में बताऊंगा।</p>
<p>मेरी ये कहानी आपको कैसी लगी मेरी ईमेल आईडी पे मेल करके जरूर बताना।<br />
[email protected]</p>
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